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गुड़गांव के प्रॉपर्टी कारोबार में खप रहा है काला धन

Sun, 02 Nov 2014 05:43 PM IST
Updated Sun, 02 Nov 2014 05:43 PM IST
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Black money is getting mixed in gurgaon property business.

साइबर सिटी के प्रॉपर्टी कारोबार में अथाह काला धन खप रहा है। शहर के

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गली-कूचों तक प्रॉपर्टी कारोबार का धंधा फल-फूल रहा है। प्रॉपर्टी कारोबार में काले धन की खपत किस प्रकार से हो रही है इसका जायजा लेने का प्रयास अमर उजाला ने किया।

इस दौरान चौंकाने वाली जानकारी मिली। एक प्रॉपर्टी डीलर ने साफ तौर पर कहा कि सर्कल रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी का जितना रेट होगा उसका तो डीडी देना होगा। जो पूरी तरह से ह्वाइट मनी होगी। इसके बाद जो राशि बचती है उसका पेमेंट कैश में करना होता है, जो ब्लैक मनी होगी।

गैर पंजीकृत डीलर चला रहे हैं काले धन का धंधा

Black money is getting mixed in gurgaon property business.

एक अनुमान के मुताबिक गुड़गांव में प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या तकरीबन आठ हजार है। नियमों के मुताबिक प्रॉपर्टी कारोबार में लगे डीलरों का जिला प्रशासन के यहां रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। गुड़गांव में रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या 1,200 के आसपास है।

जिला प्रशासन को भी पंजीकृत प्रापर्टी डीलरों की आधिकारिक संख्या का पता नहीं है। गुड़गांव के कमिश्नर इनकम टैक्स अजय गोयल से प्रॉपर्टी खरीद में काले धन के प्रयोग के विषय में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वह बयान देने के लिए अधिकृत नहीं है।

वाड्रा मामला भी कुछ ऐसा ही
गुड़गांव के प्रॉपर्टी के मामले हमेशा से विवाद का विषय रहे हैं। राबर्ट वाड्रा मामला भी तकरीबन इसी प्रकार का था। वाड्रा पर आरोप है कि उन्होंने किसानों की जमीन सस्ते रेट पर लेकर सीएलयू कराया और बाद में उसे महंगे रेट पर बेच दिया। प्रॉपर्टी के जानकारों का कहना है कि यह भी काले धन को संरक्षित करने जैसा ही मामला है।

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प्रशासन बन रहा अनजान

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बिना पंजीकरण के कार्य कर रहे प्रॉपर्टी डीलरों पर कार्रवाई के बारे में जब जिला उपायुक्त से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी डीआरओ के पास है। डीआरओ पीडी शर्मा से इस बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रॉपर्टी डीलिंग करने वालों पर कब कार्रवाई हुई इसके बारे में भी वह नहीं बता सके।

आरटीआई एक्टिविस्ट रमन शर्मा कहते हैं कि प्रॉपर्टी के खरीद में ब्लैक मनी का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। मगर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त का मामला कंट्री एंड टाउन प्लानिंग के अंतर्गत आता है। मैंने लोकायुक्त में रिट डालकर बिल्डरों द्वारा अवैध पोर्शन बेचने के बारे में जानकारी मांगी है। ब्लैक मनी का मामला इसमें स्वत: आ जाता है।

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स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कैसी हुई बात

Black money is getting mixed in gurgaon property business.

संवाददाता ने प्रॉपर्टी खरीदार बनकर शहर के सेक्टर-38 स्थित एक नामी प्रॉपर्टी डीलर के यहां फ्लैट खरीदने के बारे में बात की। प्रस्तुत है बातचीत का ब्यौरा।

संवाददाता: हमारे एक रिश्तेदार नेवी से रिटायर हुए हैं उन्हें गुड़गांव में फ्लैट चाहिए।
प्रॉपर्टी डीलर: उनका रेंज बताओ

संवाददाता: यही कोई 60-65 लाख रुपये
प्रॉपर्टी डीलर: इतने में तो गुड़गांव में कहीं भी फ्लैट नहीं मिलेगा

संवाददाता: तब कितने में मिल जाएगा
प्रॉपर्टी डीलर: यही कोई 85 लाख रुपये

संवाददाता: ठीक है लोकेशन बताइए
प्रॉपर्टी डीलर: साउथ सिटी वह सेक्टर-15 में मिल जाएगा 2 बीएचके

संवाददाता: पेमेंट किस प्रकार से होगा
प्रॉपर्टी डीलर: वहीं 30 से 45 दिन का समय मिलेगा उसी में देना होगा

संवाददाता: मेरा मतलब 85 लाख रुपये पेमेंट एक साथ करना होगा
प्रॉपर्टी डीलर: अगर एक हजार स्क्वायर फिट के फ्लैट साउथ सिटी में हो तो उसके सर्कल रेट के हिसाब से 33 लाख का डीडी देना होगा और बाकी पेमेंट ब्लैक (कैश) करना होगा।

(गुड़गांव में प्रॉपर्टी का खरीदफरोख्त इसी प्रकार से होता है)

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