भीतरी कलह के चलते दिल्ली भाजपा में फेरबदल
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दिल्ली में भाजपा नेताओं की आपसी खींचतान की वजह से दक्षिणी नगर निगम के प्रमुख पद पर पार्टी को फेरबदल करना पड़ा। स्थायी समिति के अध्यक्ष पद के लिए दो पार्षदों के आकाओं के बीच टकराव के चलते सदन के नेता को यह जिम्मेदारी देने का फैसला किया गया।
आलाकमान ने निगम में करीब 13 सालों से पार्षद के नेता की जिम्मेदारी निभा रहे सुभाष आर्य को स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है। पार्टी के निर्देश पर आर्य ने सोमवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
17 अक्तूबर को समिति की बैठक में होगा निर्वाचन
उनका निर्वाचन 17 अक्तूबर को समिति की बैठक में होगा। समिति में भाजपा को पूर्ण बहुमत है। वहीं कांग्रेस ने सुभाष के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा। इससे आर्य का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। उधर, पार्टी ने उनके स्थान पर राधेश्याम शर्मा को सदन के नेता की कमान सौंप दी। शर्मा ने सोमवार को पदभार संभाल लिया।
प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद सतीश उपाध्याय ने गत माह समिति के अध्यक्ष पद से त्याग पत्र दे दिया था। सूत्रों के अनुसार, रविवार को कई दौर की हुई बैठक में वरिष्ठ नेताओं में सहमति नहीं बन सकी।
इसके चलते पार्टी आलाकमान ने सोमवार दोपहर सुभाष आर्य को अध्यक्ष बनाने का फैसला किया। आर्य के अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें समिति की कमान सौंप दी। सुभाष वर्ष 1997 से पार्षद और वर्ष 2002 से निगम में भाजपा पार्षद दल के नेता हैं।