{"_id":"d1803e1cad23977091a2d7ee21b83c2e","slug":"bjp-delhi-demanding-white-paper-on-water-supply-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीजेपी ने उपराज्यपाल के सामने रखी डिमांड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीजेपी ने उपराज्यपाल के सामने रखी डिमांड
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 01 May 2014 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने उपराज्यपाल नजीब जंग से दिल्ली जल बोर्ड के पानी सप्लाई पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
विज्ञापन
भाजपा का कहना है कि दिल्ली की जनता पानी की किल्लत से तो परेशान है ही साथ ही जिन इलाकों में पानी की आपूर्ति है वहां लोग गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। प्राइवेट टैंकरों और सरकारी टैकरों के बारे में विशेष तौर पर जानकारी देने की मांग भाजपा ने की है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्षवर्धन ने कहा है कि गर्मी शुरू होने के साथ ही पानी की किल्लत, रोगाणुयुक्त पानी की सप्लाई, मलमिश्रित जल की सप्लाई और टैंकरों की कालाबाजारी बढ़ गई है। समर एक्शन प्लान महज खानापूर्ति बनकर रह गया है।
विज्ञापन
उनका मानना है कि एक्शन प्लान वास्तव में लागू होता तो दिल्ली में पानी की किल्लत नहीं होती। इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज के ताजा सर्वे के आधार पर उन्होंने बताया कि दिल्ली की 56 प्रतिशत जनता को ही जल बोर्ड के पाइप द्वारा पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है।
विज्ञापन
44 प्रतिशत लोग पानी के लिए निजी जल आपूर्तिकर्ताओं के रहमोकरम पर निर्भर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन 44 प्रतिशत लोगों को जल बोर्ड पाइप द्वारा पानी नहीं सप्लाई करता, उनके घरों में पानी पहुंचाने के लिए सिर्फ कागजों में योजना बनी है। दिल्ली को 22 जोन में बांटा गया है, लेकिन सभी जोन जल माफिया के कब्जे में हैं।
दोगुना दाम देकर भी दूषित पानी
भाजपा का आरोप है कि टैंकरों के मालिक 600 लीटर पानी के लिए 1200 रुपया वसूलते हैं। जबकि यह पानी पीने योग्य नहीं होता है। 60 प्रतिशत लोग दूषित पानी पीने के कारण बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं। टैंकर माफिया के कारण भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। मदनगीर, साकेत, पुष्पविहार में भूजल स्तर 67 मीटर तक नीचे पहुंच गया है। जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार सरकारी टैंकर भूजल से 100 एमजीडी पानी रोज निकालते हैं। गैर सरकारी आंकड़े को मानें तो प्रतिदिन 300 एमजीडी बोरिंग से निकल रहा है। जबकि 2006 में ही निजी बोरिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।