चुनावों में FYUP का फायदा उठाएंगी ABVP और भाजपा!
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स को लेकर उठे विवाद के सुलझने पर अब सभी राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों में इसका श्रेय लेने की होड़ मची हुई है।
बीजेपी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई, आइसा समेत अन्य सभी संगठन भी एफवाईयूपी के समाप्त होने पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
यही नहीं, इस मुद्दे को लोकसभा चुनाव में एजेंडा बनाने वाली भाजपा अब इस फैसले को दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनावों में भुनाने की पूरी कोशिश करेगी। वहीं, एबीवीपी भी छात्र संघ चुनावों में इसका फायदा उठाएगी।
फैसले में RSS का भी जोर
दरअसल, एफवाईयूपी को लेकर पिछले साल से ही बवाल चल रहा था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी दिनेश सिंह ने पिछले वर्ष भारी विरोध के बावजूद इस फैसले को लागू कर दिया था।
तब से ही एबीवीपी समेत सभी छात्र संगठनों ने एफवाईयूपी के खिलाफ मुहिम छेड़ दी थी। लगातार विरोध के बावजूद डीयू ने अपना फैसला वापस नहीं लिया और इस साल भी उसी के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी।
हालांकि केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही इस बात की संभावना हो गई थी कि एफवाईयूपी को जल्द ही खत्म किया जा सकता है। इस फैसले में आरएसएस का भी पूरा जोर था।
बीजेपी गिनाएगी मुद्दा
चार वर्षीय पाठ्यक्रम खत्म होने के बाद अब डीयू में एक बार फिर तीन वर्षीय कोर्स के तहत ही दाखिला लिया जाएगा। हालांकि अभी तब दाखिले की तारीख तय नहीं हो पाई है।
डीयू और यूजीसी के बीच हुए विवाद के बाद इस फैसले पर सरकार भी दबाव माना जा रहा है। अब तीन वर्षीय पाठ्यक्रम लागू होने के बाद बीजेपी इस मुद्दे को गिनाकर दिल्ली विधानसभा चुनावों में इसका पूरा फायदा उठाना चाहेगी।
हालांकि इस मुद्दे पर दूसरी पार्टियां भी पीछे नहीं रहेगी।