मोदीमय हो गई मेट्रो, रोजाना खर्च हो रहे 2 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीजेपी ने मेट्रो के यात्रियों को लुभाने और उन्हें चर्चा का मोदी चर्चा से जोड़ने के लिए विज्ञापनों का सहारा लिया है। इसके लिए बीजेपी ने अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बैनर व पोस्टर मेट्रो में लगावाए हैं।
बीजेपी सूत्रों के अनुसार मेट्रो में ही नहीं, पूरी दिल्ली में मोदी के लगभग 6 हजार होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें से लगभग 3500 पोस्टर मेट्रो के भीतर लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के लिए विज्ञापन जुटाने वाली एजेंसी ने लगभग 30 मेट्रो ट्रेनों में मोदी के विज्ञापन लगाए हैं। इनमें मेट्रो लाइन 2 की दस, लाइन 3 और 4 की पांच-पांच, जबकि लाइन 5 की चार व लाइन 6 की छह मेट्रो ट्रेनें शामिल हैं।
मेट्रो की गाइडलाइंस के खिलाफ लगाया विज्ञापन
ऐसा पहली बार हो रहा है जब दिल्ली मेट्रो के भीतर किसी तरह के पॉलिटिकल विज्ञापन लगाए गए हैं। क्योंकि डीएमआरसी की गाइडलाइंस मेट्रो में राजनीतिक विज्ञापनों के खिलाफ हैं।
डीएमआरसी के प्रवक्ता ने कहा कि हम मेट्रो के विज्ञापन स्पेस को आउटसोर्स करते हैं और यह एजेंसी पर निर्भर करता है, जो विज्ञापन के लिए टेंडर रखती है।
हालांकि मेट्रो की गाइडलाइंस इसके खिलाफ हैं लेकिन एजेंसी ने चुनाव तक ऐसे विज्ञापन लगाने के लिए चुनाव आयोग से विशेष अनुमति ले चुकी है। एजेंसी के प्रवीण गुप्ता ने कहा कि ट्रेन के भीतर मोदी के विज्ञापन लगाने के लिए एजेंसी ने विशेष अनुमति ले रखी है।
मोदी के लिए कांग्रेस ने छोड़ दी मेट्रो
इसके पीछे एजेंसी ने चुनाव आयोग के सामने यह तर्क रखा था कि जब दिल्ली में हर जगह मोदी के विज्ञापन लगाए गए हैं तो मेट्रो में क्यों नहीं? गुप्ता ने कहा कि एजेंसी ने कांग्रेस से भी विज्ञापन देने के संबंध में बातचीत की थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक होर्डिंग की साइज और पोजीश्ान के अनुसार बीजेपी रोजाना लगभग 2 करोड़ रुपए आउटडोर विज्ञापन में खर्च कर रही है। मेट्रो में ये विज्ञापन मात्र 21 दिनों लगाए रखने की अनुमति दी गई है। इसमें 21 दिनों के लिए हर ट्रेन में विज्ञापन का खर्च लगभग 2.5 लाख रुपए हैं।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक मेट्रो में दिए गए इस विज्ञापन का खर्च पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की ओर से उठाया जा रहा है। मेट्रो ट्रेनों में इतने अधिक विज्ञापन देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेट्रो में सफर करने वाले लोग भी पार्टी के वोट बैंक का हिस्सा हैं।