भाजपा का आरोप: बिजली सब्सिडी को कैश में न देकर भ्रष्टाचार कर रही दिल्ली सरकार
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सईद जफर इस्लाम ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि बिजली दरों को तय करने संबंधी कमेटी में ऐसे रिटायर्ड अधिकारियों की नियुक्ति की जाती थी, जो दिल्ली के हितों की रक्षा करते थे...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने राजधानी की जनता को बिजली छूट का लाभ कैश सब्सिडी के रूप में नहीं पहुंचाया, क्योंकि इसके जरिये वह प्राइवेट कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाना चाहती है। इसके जरिये वह भ्रष्टाचार कर अपने लिए लाभ कमाना चाहती है। भाजपा ने मांग की है कि अब दिल्ली सरकार को बताना चाहिए कि उसने इस मामले में अब तक ऑडिट नहीं कराया।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सईद जफर इस्लाम ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि बिजली दरों को तय करने संबंधी कमेटी में ऐसे रिटायर्ड अधिकारियों की नियुक्ति की जाती थी, जो दिल्ली के हितों की रक्षा करते थे, लेकिन अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद इन पदों पर ऐसे लोगों की नियुक्ति की, जिन्होंने दिल्ली के हितों से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल द्वारा नियुक्त इन अधिकारियों ने केवल केजरीवाल के हितों को ध्यान में रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली सब्सिडी को भी कैश ट्रांसफर न करने के पीछे घोटाला किया गया।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसी मामले में चीफ सेक्रेटरी को जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट फ़ाइल करने के लिए कहा है। भाजपा नेता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल हर कम्पनी की स्वतंत्र ऑडिट की बात किया करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद आज तक उन्होंने किसी भी कम्पनी का ऑडिट नहीं कराया। भाजपा नेता ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि उन्हें बताना चाहिए कि उन्होंने बिजली संबंधी मामले में लोगों को कैश सब्सिडी क्यों नहीं दी।