'गोकशी की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो होगी साठा चौरास की महापंचायत'
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बिसाहडा मामले में गोकशी की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग को लेकर मंदिर पर रविवार को पंचायत हुई। इसमें 6 जुलाई को होने वाली सुनवाई में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय न आने की स्थिति में साठा चौरासी की महापंचायत कर आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया गया।
इकलाख के घर के नजदीक मिले मांस की जांच रिपोर्ट में बीफ की पुष्टि होने के बाद से ही इकलाख के परिवार के लोगों के खिलाफ ग्रामीण रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग पर अड़े हैं।
इस संबंध में ही रविवार को बिसाहड़ा के विशाल मंदिर पर लोग शाम पांच बजे पंचायत में जुटे। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि गोकशी से देशभर के हिंदुओं की भावनाओं का खिलवाड़ हो रहा है।
रिपोर्ट का आदेश नहीं होने पर महापंचायत
प्रदेश सरकार ने एकतरफा कार्रवाई कर अपनी मानसिकता का परिचय दिया है। सरकार गोकशी करने वालों का सहयोग कर रही है। पुलिस प्रशासन अगर इकलाख के परिजनों पर गोकशी का मामला दर्ज नहीं करेगी तो ग्रामीण चुप नहीं बैठेंगे। 6 जुलाई को न्यायालय की सुनवाई का ग्रामीण इंतजार कर रहे हैं।
अगर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश नहीं हुआ तो साठा चौरासी की महापंचायत कर आरपार की लड़ाई का बिगुल बजा दिया जाएगा। पंचायत के दौरान गांव में पुलिस बल तैनात था।
पंचायत में पूर्व प्रधान भाग सिंह, प्रताप सिंह शिसौदिया, प्रधानपति हरीओम, पूर्व प्रधान संजीव राणा, संजय राणा, प्रवीन कुमार, अमित कुमार, रणजीत समेत सौ से अधिक ग्रामीण मौजूद थे।