16 सेकेंड में कैसे होती है बाइक चोरी
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फरीदाबाद में बस, कार और बाइक चुराने वाले दो चोरों को डीएलएफ क्राइम ब्रांच में गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक स्कूल बस, एक कार और 'यारह बाइक बरामद की हैं।
पुलिस चोरों को गिरफ्तार कर जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है कि इन चोरों का संबंध किस गिरोह से है और किन दूसरी घटनाओं में वह शामिल थे।
सेक्टर-३१ से तीन दिसंबर २०१३ की रात रामानुजन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट की स्कूल बस चोरी हो गई थी। इस दौरान बल्लभगढ़ इलाके से एक सप्ताह में तीन-चार बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
कैसे पकड़े गए शातिर चोर
पुलिस आयुक्त ने वाहन चोरों को तलाश का जिम्मा डीएलएफ क्राइम ब्रांच को सौंपा था। २५ दिसंबर की रात इंचार्ज सतेंदर को मुखबिर ने वाहन चोरों के शहर में आने की सूचना दी।
आईएमटी पुल पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने भीमा निवासी झुप्पा, पलवल और उसके साथी सुंदर निवासी बामनबाड़ी भरतपुर, राजस्थान को शक के आधार पर रोका। दोनों बाइक के कागजात नहीं दिखा सके।
सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बाइकें चोरी की बात कबूली। हिरासत में लेकर उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की स्कूल बस, एक कार और 'यारह बाइकें बरामद कीं।
इन जगहों पर दिया था घटनाओं को अंजाम
दोनों ने बताया कि वह फरीदाबाद, पलवल, नोएडा, गाजियाबाद के आसपास ही वाहन चुराया करते थे। पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
चुटकियों में वाहन का ताला तोड़कर पार करने में माहिर भीमा और सुंदर इन्हें ठिकाने लगाने के बारे में नहीं जानते थे। यही वजह थी कि वह चोरी कर वाहनों को जमा करते रहे।
सुंदर ने बताया कि चुराने के बाद वह बाइक गांव के ही युवकों को दो से तीन हजार रुपये लेकर चलाने के लिए दे देते थे। बस और कार कहां बेची जाए इसका उन्हें आइडिया नहीं था। 'यादा दिन इन वाहनों को छिपा नहीं सके और पकड़े गए।