फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   bihari teacher names daughter after delhi doctor who saved her life

दिल्ली के डॉक्टर के नाम पर रखा बेटी का नाम

Fri, 11 Sep 2015 07:45 PM IST
Updated Fri, 11 Sep 2015 07:45 PM IST
विज्ञापन
 bihari teacher names daughter after delhi doctor who saved her life

साल 2013 की बात है जब तीन साल की छुनछुन को गंभीर हालत में बिहार के समस्तीपुर से सर्जरी के लिए दिल्ली के एक अस्पताल ले आया गया था। गौरतलब है कि उस वक्त पता चला था कि छुनछुन को ब्रेन कैंसर है।

विज्ञापन


इस घटना के चार साल बाद जब छुनछुन के पिता उसे रेगुलर चेकअप के लिए ले आए थे तो नन्हीं छुनछुन अब अमृता आचार्य बन चुकी थी। नाम बदलने का यह राज उस नाम में छिपा है जिसने छुनछुन का इलाज किया और पीड़ित परिवार को यह भरोसा दिलाया कि उनकी बेटी की सर्जरी सर गंगा राम अस्पताल में होगी। यह नाम था न्यूरोसर्जन डॉक्टर राजेश आचार्य का।
विज्ञापन


डॉक्टर के काम से बहुत खुश अमृता के परिवार ने उसकी जान बचने के बाद यह निश्चय कर लिया था कि वो अपनी बेटी का नाम उसके दूसरे जीवनदाता यानी डॉक्टर राजेश आचार्य के नाम पर रखेंगे। इसलिए उन्होंने छुनछुन का नाम अमृता आचार्य रख दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

दादा ने रखा था डॉक्टर के नाम पर पोती का नाम

 bihari teacher names daughter after delhi doctor who saved her life

इंडियन एक्सप्रेस अखबार में छपी एक खबर के अनुसार इस वक्त क्लास 15 साल की अमृता कक्षा 10 की छात्रा हैं। अमृता बताती हैं कि जब उनका स्कूल में दाखिला हुआ तो उनके दादाजी ने यह आइडिया सुझाया कि अमृता का नाम उसकी जान बचाने वाले के नाम समर्पित कर दिया जाए।

अमृता ने बताया कि उन लोगों ने एक एफिडेविट लिखा कि उसका नाम उस डॉक्टर के नाम पर रखा जा रहा है‌ जिसने उसकी जिंदगी बचाई। अमृता इस समय समस्तीपुर के आईकन-प्रीत पब्लिक स्कूल में पढ़ रही है।

डॉक्टर आचार्य को जब यह बात पता चली तो उनके लिए ये किसी सम्मान से कम नहीं था। डॉक्टर राजेश का कहना है‌ कि जब उन्होंने ये सुना तो वो खुशी से आश्चर्य‌चकित हो गए थे।

उनका कहना है कि सर्जन्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कई तरह के सम्मान मिलते हैं जो वो अपने शेल्व में रखकर लोगों को दिखाते हैं लेकिन इस तरह का सम्मान वो किसी को कैसे दिखा सकते हैं?

जब पैसे नहीं थे तब डॉक्टर ने करवाया अमृता का इलाज

 bihari teacher names daughter after delhi doctor who saved her life

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार इस बार अमृता अपने रेगुलर चेकअप के लिए अपने दादाजी के साथ आई थी। अमृता के दादाजी ने याद करते हुए बताया क‌ि 2003 में पटना के डॉक्टरों ने सीटी स्कैन करने के बाद उनके परिवार को बताया था कि छुनछुन के जी पाने के बहुत कम चांस हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास बिल्कुल पैसा नहीं था और सबने उनसे कहा कि बिहार में अमृता का ऑपरेशन कराना बहुत रिस्की होगा। तब उन्होंने दिल्ली जाकर डॉक्टर आचार्य के पास अपना भाग्य आजमाने की बात सोची।

अमृता के दादा के अनुसार सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की बात कही और परिवार के पास 1 लाख रुपए फीस के लिए नहीं थे तब उन्होंने डॉक्टर आचार्य से मदद की गुहार की। उन्होंने अमृता को जनरल वार्ड में भर्ती कराया फिर अस्पताल प्रशासन से सर्जरी का खर्च उठाने की बात की।

डॉक्टर ही बनेगी अमृता

 bihari teacher names daughter after delhi doctor who saved her life

परिवार को सरकारी अस्पताल में भी भर्ती कराने का सुझाव दिया गया पर उन्होंने इंकार कर दिया। जब ठीक होने के बाद वो पटना गए तो उन सभी डॉक्टरों ने आश्चर्च जताया जिन्होंने कहा था कि अमृता नहीं बच पाएगी।

जब 2007 में अमृता फॉलो-अप के लिए आई थी तो डॉक्टर उसे पहचान ही नहीं पाए। उसके नाम को लेकर भी लोग काफी सवाल करते हैं। ऐसा न सिर्फ समस्तीपुर में होता है बल्कि दिल्ली में भी होता है।

इस साल अमृता जब बोर्ड का रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर रही थी तब भी ये उनके पिता के सरनेम को लेकर काफी प्रश्न किए गए थे। अमृता कहती है कि वो भी डॉक्टर ही बनेगी और लोगों की मदद करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed