फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Bhumija Webinar Dr Amsa Pashupati speaks about Osteoporosis and Osteo arthritis

भूमिजा वेबिनार में डॉ. अमसा पशुपति ने बताए ऑस्टोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के बीच के अंतर

Tue, 17 Mar 2020 07:13 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Tue, 17 Mar 2020 07:13 PM IST
विज्ञापन
Bhumija Webinar Dr Amsa Pashupati speaks about Osteoporosis and Osteo arthritis
डॉ. अमसा पशुपति - फोटो : अमर उजाला

भूमिजा और लिविंग विदाउट मेडिसिन की ओर से महिला स्वास्थ्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चल रहे वेबिनार की पिछली कड़ी शुक्रवार को मधुमेह और मोटापे पर केंद्रित थी। 10 मार्च से शुरू हुआ यह आयोजन 15 मार्च तक चला, जिसमें मोटापा, गठिया (ऑर्थराइटिस), ऑस्टोपोरोसिस, प्रि-मैनोपॉज और मैनोपॉज, हाइपोथायराइड के अलावा कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के बारे में चर्चा हुई। 

विज्ञापन


आयुर्वेद, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा (नैचुरोपैथी) के क्षेत्र की अनुभवी महिला चिकित्सकों ने रोज रात आठ बजे इन स्वास्थ्य मुद्दों पर लाइव बातें की। इस बार हम आपको बता रहे हैं तमिलनाडु के कोयंबटूर की प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. अमसा पशुपति से हुई बातचीत के बारे में।

विज्ञापन
  • वेबिनार में डॉ. अमसा ने ऑस्टोपोरोसिस और ऑस्टियोआर्थराइटिस के बारे में बात की और दोनों के बीच अंतर को बहुत अच्छी तरह से समझाया। उन्होंने बताया कि पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस या ऑस्टोपोरोसिस के पीछे का कारण खराब जीवनशैली है। पढ़ें कि ऑस्टोपोरोसिस के दौरान क्या होता है-
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • इस दौरान हड्डियां छिद्रपूर्ण हो जाती हैं- यह उन लोगों को प्रभावित करता है जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है। हड्डियों या जोड़ों में चिकनाई पैदा करने वाला तरल पदार्थ तमाम कारणों से खो जाता है। इससे हड्डियां एक दूसरे से रगड़ खाने लगती हैं। यह कार्टिलेज को नष्ट कर देता है और अंत में सूजन ऑस्टियोआर्थराइटिस पैदा करता है।
  • ऑस्टोपोरोसिस कहीं भी हो सकता है, जबकि ओस्टियोआर्थराइटिस आमतौर पर वजन सहने वाली हड्डियों में होता है। खासकर जब कोई व्यक्ति यात्रा कर रहा हो, गिर जाए या उसके कूल्हे पर चोट लग जाए तो ऐसे में उसे घातक फ्रैक्चर हो सकता है।
  • पुराने जमाने में जोड़ों में तनाव या आनुवांशिक कारणों के कारण ऑस्टियोआर्थराइटिस का प्रभाव महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता था। ऑस्टियोपोरोसिस में कैल्शियम की कमी के कारण व्यक्ति में चिड़चिड़ापन हो जाता है और मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में आंत्र विकार, कब्ज, शरीर की त्वचा का सूखना शामिल है। जोड़ों में बहुत अधिक पानी के कारण दर्द होने लगता है और जोड़ों को हिलाने में परेशानी होती है।


ऑस्टियोपोरोसिस या पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए आधुनिक चिकित्सा पद्धति में कोई इलाज नहीं है। ऑस्टियोपोरोसिस के लिए जाना जाने वाला एकमात्र वैकल्पिक इलाज यह है कि इससे प्रभावित व्यक्ति विटामिन सी और विटामिन डी की खुराक के साथ-साथ सूर्य की किरणों के संपर्क में रहे। इससे रोगी को आराम मिल सकता है।

अपनी जीवनशैली को बदलकर भी इसे ठीक किया जा सकता है। शरीर को पर्याप्त नींद और आवश्यक भोजन आदि प्राप्त होने पर भी रोगी को आराम मिलता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस के छोटे से लक्षण को भी नजरअंदाज न करें, क्योंकि इलाज से बेहतर है इसके लिए सतर्कता बरतना।

यह हैं ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने या कम करने के कुछ उपाय-

  • कार्बोनेटेड पेय से बचें जिसमें फॉस्फेट होता है जो हड्डियों को नष्ट करता है
  • प्रोटीन की अधिकता से बचें। इससे कैल्शियम की कमी होती है। प्रोटीन प्लांट के प्रोटीन का सेवन करें, क्योंकि पशु प्रोटीन को पचाने में शरीर को परेशानी होती है।
  • एंटासिड खाने के कई दुष्प्रभाव हैं जो कैल्शियम को पाचन क्रिया में सयहोग करने की अनुमति नहीं देते हैं
  • कैफीन का सेवन न करें
  • विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए सूर्य की किरणों के अधिकतम संपर्क में रहें
  • हार्मोनल संतुलन का ध्यान रखें
  • कम जीआई खाद्य पदार्थों और कम शक्कर का प्रयोग करने की कोशिश करें
  • तनाव कम करें
  • आहार में कैल्शियम बढ़ाएं
  • वजन वहन करने वाले व्यायाम करें जो हड्डियों को 30 से 45 मिनट तक सहारा देते हैं


इस स्थिति के इलाज के लिए कुछ पारंपरिक तरीके-
दिन में एक बार एक चम्मच देसी घी जरूर लें, खासकर रात को सोने के वक्त। यह हड्डी के विकास को बढ़ाता है और ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकता है। अपनी डाइट में कैस्टर ऑयल को शामिल करें।

त्रिफला का प्रयोग करें। यह एक अद्भुत एंटी-एजिंग एंटीडायबिटिक एंटी इंफ्लेमेंट फॉर्मूला है जो ऑस्टियोपोरोसिस को भी रोकता है।

पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस को रोकने के लिए कुछ सुझाव-

  • स्वस्थ बॉडी-वेट-हाइट संयोजन बनाए रखें
  • सूर्य नमस्कार और अन्य व्यायामों का नियमित रूप से अभ्यास करें
  • उन खाद्य पदार्थों से बचें जो हड्डी में कमी को एसीडिक या कार्बोनेटेड बनाते हैं
  • ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें
  • जोड़ों को चोट से बचाएं
  • शाकाहारी आहार लें। मांसाहारी आहार तभी लें जब आपको ज्यादा भूख लगी हो और उसे पचाने की क्षमता हो।


नेचुरोपैथी के अनुसार, हवा की ऊष्मा और ऊष्मा का एकत्रीकरण होता है, जिससे जोड़ों में सूखापन आ जाता है। तनाव और भावनात्मक असंतुलन इसका दूसरा कारण है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed