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सावधान! एम्स में घूम रहा है चोरो का गैंग, उड़ा ले गए कई डॉक्टरों के लैपटॉप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Mar 2018 04:50 PM IST
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एम्स में इन दिनों लैपटॉप चोर गिरोह सक्रिय हैं। पिछले एक सप्ताह में विभिन्न चिकित्सकों के लैपटॉप चोरी हो गए। वहीं, अब इसका खामियाजा हजारों मरीजों को उठाना पड़ सकता है।
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दरअसल, एम्स रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए ) ने 23 मार्च से ओपीडी के बहिष्कार का फैसला किया है। आरोप है कि एम्स प्रबंधन की वजह से चोरों के हौसले बढ़ गए हैं। यहां सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।
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आरडीए अध्यक्ष डा. हरजीत सिंह भट्टी ने बुधवार को एम्स के डीन को लिखे पत्र में बताया कि 20 मार्च को डी 5 वार्ड से तीन, सी 5 सेे 2, एबी 4 एवं 6 वार्ड से एक-एक लैपटॉप चोरी हो चुके हैं। जबकि हॉस्टल कैंपस से दो साइकिलों पर भी चोरों ने हाथ साफ कर लिया है। इन सभी घटनाओं की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी गई है।
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शिकायत पर भी सुनवाई नहीं
वहीं, पिछले दिनों पल्मेनरी मेडिसिन विभाग के कक्ष में तीन चिकित्सकों के लैपटॉप चोरी हुए हैं। प्रबंधन से शिकायत करने के बाद भी रेजीडेंट डॉक्टरों की सुनवाई नहीं होती।
जबकि प्रबंधन अब तक संस्थान में बंद पड़े कैमरों को ठीक नहीं करवा पाया। साथ ही इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। सिंह का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता। रेजीडेंट ओपीडी में मरीजों की सेवा नहीं करेंगे।
बता दें कि एम्स की ओपीडी में ज्यादातर रेजीडेंट डॉक्टर ही दिखाई देते हैं। गंभीर मरीजों पर सलाह को छोड़ बाकी मरीजों से जुड़े सभी कार्य रेजीडेंट डॉक्टर ही करते हैं। ऐसे में ओपीडी का बहिष्कार एम्स प्रबंधन के साथ साथ हजारों मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है।
जबकि प्रबंधन अब तक संस्थान में बंद पड़े कैमरों को ठीक नहीं करवा पाया। साथ ही इस पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। सिंह का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता। रेजीडेंट ओपीडी में मरीजों की सेवा नहीं करेंगे।
बता दें कि एम्स की ओपीडी में ज्यादातर रेजीडेंट डॉक्टर ही दिखाई देते हैं। गंभीर मरीजों पर सलाह को छोड़ बाकी मरीजों से जुड़े सभी कार्य रेजीडेंट डॉक्टर ही करते हैं। ऐसे में ओपीडी का बहिष्कार एम्स प्रबंधन के साथ साथ हजारों मरीजों के लिए मुसीबत बन सकता है।