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Delhi: बारापुल्ला फेज-3 जून के अंत तक शुरू करने की तैयारी, परियोजना पर 1635 करोड़ रुपये की आई लागत
Mon, 11 May 2026 03:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 11 May 2026 03:57 AM IST
सार
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसका सिविल निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। सरकार ने 30 जून तक इसे जनता के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है।
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बारापुला एलिवेटेड परियोजना...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
करीब एक दशक से प्रशासनिक अड़चनों में फंसा बारापुला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर के अब शुरू होने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसका सिविल निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। सरकार ने 30 जून तक इसे जनता के लिए खोलने का लक्ष्य तय किया है।
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यह परियोजना सिर्फ एक फ्लाईओवर नहीं, बल्कि पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच ट्रैफिक दबाव कम करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। इसके चालू होने के बाद मयूर विहार से सराय काले खां होते हुए एम्स तक करीब नौ किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर मिल जाएगा। इससे यात्रा समय में लगभग 15 मिनट तक की कमी आने का अनुमान है। सबसे बड़ा असर सराय काले खां, रिंग रोड और डीएनडी फ्लाईओवर पर दिखेगा। यहां रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव रहता है।
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पूर्वी दिल्ली और नोएडा की ओर से दक्षिणी दिल्ली आने वाले हजारों वाहन अभी इन मार्गों पर जाम में फंसते हैं। नया कॉरिडोर शुरू होने से ट्रैफिक का बंटवारा होगा और प्रमुख चौराहों पर दबाव कम हो सकता है।
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पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। अब सुरक्षा बैरियर, लाइटिंग, साइनबोर्ड और अन्य अंतिम कार्य पूरे किए जा रहे हैं। परियोजना को लेकर सरकार भी सतर्क है और विभाग को तय समय सीमा के भीतर इसे चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। बारापुल्ला फेज-3 को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी। इसे आईएनए से सराय काले खां तक पहले से बने एलिवेटेड नेटवर्क के विस्तार के रूप में विकसित किया गया। परियोजना में यमुना नदी पर पुल का निर्माण भी शामिल है।
परियोजना पर 1635 कराेड़ रुपये की आई लागत
देरी के कारण परियोजना की लागत भी लगातार बढ़ती गई। हाल ही में दिल्ली मंत्रिमंडल ने इसकी संशोधित लागत 1,635.03 करोड़ रुपये मंजूर की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह कॉरिडोर तय समय पर चालू हो जाता है तो इससे न केवल ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी, बल्कि पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों के लिए सफर अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।