Engineer Rashid: बारामुल्ला के सांसद इंजीनियर राशिद को कोर्ट से बड़ी राहत, तीसरी बार बढ़ी अंतरिम जमानत
बता दें कि उन्हें दो अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे एक अक्टूबर को 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद अदालत ने जमानत की अवधि तीन दिन और बढ़ा दी थी, जिससे उनकी आत्मसमर्पण की तारीख 13 अक्तूबर के बजाय 15 अक्तूबर हो गई थी।
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पटियाला हाउस कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में बारामुल्ला से सांसद इंजीनियर राशिद की अंतरिम जमानत 28 अक्तूबर तक बढ़ा दी है। अदालत ने राशिद के पिता से संबंधित चिकित्सा आधार पर जमानत अवधि बढ़ाई। पटियाला हाउस के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाते हुए राशिद को 28 अक्टूबर, 2024 को दोपहर 12 बजे तक जेल अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका पर अपना आदेश भी उसी तिथि तक के लिए टाल दिया।
अदालत ने इससे पहले राशिद को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने की अनुमति देने के लिए 10 सितंबर को अंतरिम जमानत दी थी और अब उनकी नियमित जमानत याचिका पर फैसला टाल दिया है। अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चिकित्सा दस्तावेजों का सत्यापन कर लिया है और आवेदक द्वारा मांगी गई अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने का विरोध नहीं किया।
इससे पहले राशिद की अंतरिम जमानत 15 अक्तूबर तक बढ़ाई गई थी। लगातार तीसरी बार उनको कोर्ट से राहत मिली है। बता दें कि उन्हें दो अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे एक अक्टूबर को 10 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया था। इसके बाद अदालत ने जमानत की अवधि तीन दिन और बढ़ा दी थी, जिससे उनकी आत्मसमर्पण की तारीख 13 अक्तूबर के बजाय 15 अक्तूबर हो गई थी।
राशिद ने याचिका में क्या कहा था?
राशिद ने पहले पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव अभियान में भाग लेने के लिए तीन महीने की अंतरिम जमानत मांगी गई थी। सुनवाई के दौरान राशिद के वकील ने अनुरोध किया कि अगर अदालत तीन महीने की जमानत नहीं दे सकती तो कम से कम चुनाव अवधि के लिए 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दे।
क्यों तिहाड़ में बंद थे राशिद
इंजीनियर राशिद जो 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे, हाल ही में अंतरिम जमानत पर रिहा हुए हैं। उनकी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव लड़ा था।