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लुटेरों ने बैंक कर्मी को ट्रेन से फेंका, मौत

Sun, 30 Nov 2014 08:58 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 30 Nov 2014 08:58 AM IST
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Bank personnel thrown from the train robbers, death

गाजियाबाद में लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने आईसीआईसीआई बैंक के एग्जीक्यूटिव को चलती ट्रेन से फेंक दिया। दूसरे ट्रैक पर जाकर गिरे एग्जीक्यूटिव सिर में चोट लगने से वह बेहोश हो गए और कुछ देर बाद दूसरी ओर से आ रही ट्रेन की चपेट में आ गए।

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हादसे में दोनों हाथ और एक पैर कट गया। ट्रैक पर तड़पते एग्जीक्यूटिव को करीब एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। शनिवार को उसने दम तोड़ दिया।

24 घंटे तक सीमा विवाद में उलझी जीआरपी और सिविल पुलिस घटना को छिपाए रही, शनिवार को युवक की मौत के बाद जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।

मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले गुंजन श्रीवास्तव (28) नोएडा के निजी बैंक के होमलोन डिपार्टमेंट में एग्जीक्यूटिव थे।

पिता शशिभूषण श्रीवास्तव, भाई चंदन श्रीवास्तव और पत्नी के साथ वह दिल्ली के धर्मपुरी ख्याला में रहते थे। 24 नवंबर को मुजफ्फरपुर में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर वह शुक्रवार को गरीबरथ एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली लौट रहे थे।
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गुंजन के भाई चंदन के मुताबिक गाजियाबाद स्टेशन पार करते ही पांच बदमाश गुंजन से मोबाइल और नगदी लूटने लगे। विरोध करने पर बदमाशों ने मोहन नगर आरओबी के नीचे उसे ट्रेन से धक्का दे दिया।
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गुंजन दूसरी रेल लाइन पर जाकर गिरा और सिर में चोट लगने से बेहोश हो गया। कुछ देर बाद सामने से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ और पैर कट गया। चंदन ने बताया कि करीब पौने तीन बजे एक राहगीर ने उसके फोन पर गुंजन के घायल होने की सूचना दी।

इसके बाद परिजनों ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि गंभीर हालत के बावजूद पुलिस ने गुंजन को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने की बजाय जिला एमएमजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों ने शाम को उसे यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शनिवार को उसने दम तोड़ दिया।

आंसुओं में बदली जिंदगी
भाई चंदन श्रीवास्तव ने बताया कि दो साल पहले गुंजन की शादी हुई थी। चार माह पहले बेटा होने से वह खुश था। लेकिन चार महीने बाद ही इस घटना से घर में मातम छा गया। चार महीने का बेटा अभी अपने पिता को ठीक से पहचान भी नहीं पाया था।


सीमा विवाद में फंसी पुलिस
गुंजन के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने थाना इंदिरापुरम पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस ने मामला जीआरपी का बताया। इस पर परिजन जीआरपी पहुंचे। जीआरपी अधिकारियों ने मामला दर्ज कर लिया है।

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