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Delhi NCR News: वादों के दलदल में फंसा बलई का जोहड़, अब बीडीपीओ ने लिया संज्ञान<bha>;</bha> जल्द कार्रवाई का भरोसा
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फोटो: बलई में गंदगी व जलकुंभियों से भरा पड़ा तालाब
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के बलई गांव के नई मोहल्ले में स्थित जोहड़ (तालाब) इस समय गंदगी और जलकुंभी का साम्राज्य बन चुका है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। अमर उजाला में पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।
मांग के बाद मिला सिर्फ कोरा आश्वासन
ग्रामीणों और पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान की पुरजोर मांग के बाद, प्रशासन हरकत में आया था। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मी नारायण ने संबंधित अधिकारियों को तालाब की तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर 15 दिनों के भीतर इस जोहड़ को पूरी तरह साफ करने का दावा किया गया।
धरातल पर कुछ नहीं बदला, हादसों का डर बरकरार
लंबे समय से किए जा रहे इन दावों और आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और पूरा तालाब आज भी जलकुंभी से ढका है। स्थानीय निवासी शेरू नंबरदार, सलमु, जाकिर और कासिम का कहना है कि प्रशासन के झूठे भरोसे से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जोहड़ में पशुओं के गिरने और बच्चों के डूबने का खतरा बना रहता है।
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अब बीडीपीओ विशाल आजाद ने संभाला मोर्चा
मामले में अब तक जमीनी कार्रवाई नहीं होने के बाद अब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल आजाद ने पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। विशाल आजाद ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है जल्द ही जोहड़ में सफाई का कार्य शुरू करवाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। खंड के बलई गांव के नई मोहल्ले में स्थित जोहड़ (तालाब) इस समय गंदगी और जलकुंभी का साम्राज्य बन चुका है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। अमर उजाला में पूर्व में प्रकाशित खबरों के अनुसार, ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।
मांग के बाद मिला सिर्फ कोरा आश्वासन
ग्रामीणों और पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान की पुरजोर मांग के बाद, प्रशासन हरकत में आया था। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मी नारायण ने संबंधित अधिकारियों को तालाब की तत्काल सफाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर 15 दिनों के भीतर इस जोहड़ को पूरी तरह साफ करने का दावा किया गया।
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धरातल पर कुछ नहीं बदला, हादसों का डर बरकरार
लंबे समय से किए जा रहे इन दावों और आश्वासनों के बावजूद धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और पूरा तालाब आज भी जलकुंभी से ढका है। स्थानीय निवासी शेरू नंबरदार, सलमु, जाकिर और कासिम का कहना है कि प्रशासन के झूठे भरोसे से वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जोहड़ में पशुओं के गिरने और बच्चों के डूबने का खतरा बना रहता है।
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अब बीडीपीओ विशाल आजाद ने संभाला मोर्चा
मामले में अब तक जमीनी कार्रवाई नहीं होने के बाद अब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी विशाल आजाद ने पूरे प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया है। विशाल आजाद ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है जल्द ही जोहड़ में सफाई का कार्य शुरू करवाया जाएगा।