फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Azadi ka amrit mahotsav program in Delhi on 75 points starts today

आजादी का 75वां महोत्सव: 75 बिंदुओं पर 75 शहरों में आज से कार्यक्रम, विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा 'गौरवशाली सप्ताह'

Tue, 22 Feb 2022 09:42 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 22 Feb 2022 09:42 AM IST
सार

इस पूरे कार्यक्रम को चार खंडों में समूहीकृत किया गया है। पहले खंड का नाम 'विज्ञान व प्रौद्योगिकी इतिहास के 75 केंद्र बिंदु' है, जो राष्ट्र निर्माण में आधुनिक विज्ञान के संस्थापकों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के योगदान को रेखांकित करेगा।

विज्ञापन
Azadi ka amrit mahotsav program in Delhi on 75 points starts today
आजादी का अमृत महोत्सव - फोटो : संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट से

विस्तार

आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के तहत मंगलवार से 28 फरवरी तक 75 बिंदुओं पर 75 शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के साथ 12 विभाग व मंत्रालय एक मंच पर वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव मनाएंगे। इसके अलावा 2047 में जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मना रहा होगा तो कैसा होना चाहिए, उसकी भी रूपरेखा बनेगी।

विज्ञापन


अधिकारियों के मुताबिक, स्वतंत्रता के 75 वर्षों में वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव मनाने और भविष्य की रूपरेखा में विज्ञान व प्रौद्योगिकी की भूमिका को चिह्नित करने के उद्देश्य से  देशव्यापी कार्यक्रम को ‘गौरवशाली सप्ताह’ के रूप में मनाया जा रहा है। यह पहल देश की वैज्ञानिक विरासत और प्रौद्योगिकी कौशल को प्रदर्शित करने का एक प्रयास है, जिससे रक्षा, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, कृषि, खगोल विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिली है।
विज्ञापन


अधिकारी के मुताबिक, कार्यक्रम का संस्कृत भावार्थ अपने आप में एक संदेश देता है कि ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी पूरे विश्व में पूजनीय’ है। इसके अंतर्गत देश के 75 शहरों में विज्ञान व प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें देशभर में 75 विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन, 75 विज्ञान आधारित व्याख्यान, 75 विज्ञान फिल्मों की स्क्रीनिंग, 75 रेडियो वार्ता प्रसारण, 75 विज्ञान पुस्तक मेले, 75 पोस्टर प्रस्तुति और 75 विज्ञान साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन इस महोत्सव का हिस्सा है। हाइब्रिड मोड में आयोजित होने वाले इन आयोजनों में 75 पुरस्कार भी शामिल हैं। इसके लिए 75 स्थानों और संबंधित भागीदार संगठनों की पहचान की गई है, ताकि यह कार्यक्रम स्थानीय भारतीय भाषाओं (अंग्रेजी और हिंदी के अलावा) में संचालित किए जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार खंडे में विभाजितः
इस पूरे कार्यक्रम को चार खंडों में समूहीकृत किया गया है। पहले खंड का नाम 'विज्ञान व प्रौद्योगिकी इतिहास के 75 केंद्र बिंदु' है, जो राष्ट्र निर्माण में आधुनिक विज्ञान के संस्थापकों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के योगदान को रेखांकित करेगा। इसमें 75 वैज्ञानिकों पर 75 फिल्मों की स्क्रीनिंग और 75 स्थानों पर प्रख्यात वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकीविदों के 75 व्याख्यान शामिल होंगे।

दूसरा खंड 'आधुनिक विज्ञान व प्रौद्योगिकी के मील के पत्थर' है। इसमें उन प्रमुख खोजों, नवाचारों या आविष्कारों को उजागर किया जाएगा, जिन्होंने वैश्विक विज्ञान या भारत के विकास की कहानी में एक छाप छोड़ी है।

इसके अलावा तीसरा खंड- 'स्वदेशी पारंपरिक आविष्कार और नवाचार' है। इसमें ऐसे 75 आविष्कारों या प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसने भारत को पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के भंडार पर आधारित आधुनिक नवाचारों और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद की। जड़ी बूटियों से दवाओं का निर्माण इस कड़ी का एक उदाहरण कहा जा सकता है।

वहीं, चौथे खंड में 'ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया' (बदलता भारत) के अंतर्गत भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अगले 25 वर्षों के लिए आगे की राह पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें भारत और प्रवासी भारतीयों के 75 प्रख्यात वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीविद अपनी बात रखेंगे।

जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आज से प्रदर्शनीः 
जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में मंगलवार से विज्ञान और प्रौद्योगिकी मेगा एक्सपो (प्रदर्शनी), राष्ट्रीय विज्ञान पुस्तक मेला और विज्ञान साहित्य उत्सव शुरू हो रहा है। इसमें विज्ञान लेखकों, संचारकों, कलाकारों, कवियों, नाटककारों, नुक्कड़ नाटक समेत विज्ञान गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। साहित्य उत्सव का उद्देश्य रंगमंच, कविताओं, कठपुतली शो और परछायी के माध्यम से प्रदर्शन सहित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के विभिन्न लोक रूपों के माध्यम से विज्ञान का संचार करना है। विशेष रूप से युवाओं में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम, निबंध, पोस्टर, कविता आदि प्रतियोगिताएं भी होगी।

भारतीय भाषाओं को किया जाएगा प्रमोटः 
कार्यक्रम कश्मीरी, डोगरी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कन्नड़, मलयालम, तमिल, तेलुगु, उड़िया, बंगाली, असमिया, नेपाली, मैथिली,  मणिपुरी समेत  विभिन्न भारतीय भाषाओं में किया जाएगा। भारतीय भाषाओं को यहां जोड़ने का मकसद आम आदमी को उसी की भाषा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की जानकारी देना है।


राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विजेताओं का सम्मानः 
विज्ञान सर्वत्र पूज्यते के तहत माईजीओवीडॉटइन के माध्यम से निबंध, नारा, कविता लेखन, पोस्टर, लघु फिल्म, ऑनलाइन विज्ञान प्रौद्योगिकी प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई थीं। इन प्रतियोगिताओं के 75 विजेताओं को 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के मौके पर राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed