{"_id":"5b5e08164f1c1bee748b6b33","slug":"authorities-officer-vacated-royal-apartment-in-greater-noida","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कभी भी गिर सकती है बिल्डिंग, सुनकर रो पड़ी महिलाएं, परिवारों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कभी भी गिर सकती है बिल्डिंग, सुनकर रो पड़ी महिलाएं, परिवारों में दहशत
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Mon, 30 Jul 2018 03:05 AM IST
विज्ञापन
फ्लैट के बाहर बैठी महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव के रॉयल अपार्टमेंट में सात परिवार रह रहे हैं। रविवार को इन परिवार की महिलाएं उस समय रो पड़ी, जब प्राधिकरण अफसरों ने कहा कि यह बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है। इसको खाली कर दो।
आनन-फानन में सभी बिल्डिंग से बाहर आ गए। उसके बाद पुलिस ने बिल्डिंग के अंदर जाने नहीं दिया। अब लोगों ने दूसरी जगह शरण ली है, लेकिन देर रात तक पुलिस के हटने का इंतजार करते रहे, ताकि फ्लैट से जरूरी सामान निकाल सके।
जनवरी में शिफ्ट हुआ था ऋषभ का परिवार
ऋषभ सेक्टर-63 की एक कंपनी में नौकरी करता है। उसके माता-पिता ने दिसंबर में बिल्डर से फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की कीमत 17.50 लाख रुपये है। माता-पिता के अलावा ऋषभ के साथ उसकी बहन दीक्षा भी रहती है। ऋषभ ने बताया कि दिसंबर में रजिस्ट्री करवाई थी और जनवरी में यह रहने आए थे।
विज्ञापन
सुबह जैसे ही सूचना मिली कि बिल्डिंग झुक गई है और कभी भी गिर सकती है तो पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। अब दूसरी जगह किरासे पर मकान लिया है। अभी तक यहां की दूसरी बिल्डिंग के बारे में सुनकर ही दहशत में थे, लेकिन आज अपने साथ भी वैसा ही हो गया।
विज्ञापन
आनन-फानन में सभी बिल्डिंग से बाहर आ गए। उसके बाद पुलिस ने बिल्डिंग के अंदर जाने नहीं दिया। अब लोगों ने दूसरी जगह शरण ली है, लेकिन देर रात तक पुलिस के हटने का इंतजार करते रहे, ताकि फ्लैट से जरूरी सामान निकाल सके।
विज्ञापन
जनवरी में शिफ्ट हुआ था ऋषभ का परिवार
ऋषभ सेक्टर-63 की एक कंपनी में नौकरी करता है। उसके माता-पिता ने दिसंबर में बिल्डर से फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की कीमत 17.50 लाख रुपये है। माता-पिता के अलावा ऋषभ के साथ उसकी बहन दीक्षा भी रहती है। ऋषभ ने बताया कि दिसंबर में रजिस्ट्री करवाई थी और जनवरी में यह रहने आए थे।
विज्ञापन
सुबह जैसे ही सूचना मिली कि बिल्डिंग झुक गई है और कभी भी गिर सकती है तो पैरों के नीचे से जमीन निकल गई। अब दूसरी जगह किरासे पर मकान लिया है। अभी तक यहां की दूसरी बिल्डिंग के बारे में सुनकर ही दहशत में थे, लेकिन आज अपने साथ भी वैसा ही हो गया।
पैसे भी नहीं है, फ्लैट में चले जाने दो
वाराणसी निवासी दिनेश गुप्ता व गणेश गुप्ता बिल्डिंग में किराये पर रहते हैं। उनके साथ उनके बड़े भाई संजय गुप्ता व उनकी पत्नी व एक बच्ची भी साथ रहते हैं। दिनेश व गणेश ने बताया कि रविवार को दोनों कंपनी में काम कर रहे थे।
जैसे ही जानकारी मिली तो तुरंत यहां पहुंचे। यहां पुलिस ने बिल्डिंग को सील कर दिया था। भाभी और बच्ची को एक रिश्तेदार के यहां छोड़कर आए है। हमारे पास अभी पैसे नहीं है। फ्लैट के अंदर पैसे रखे हैं।
पुलिस वालों से काफी विनती की है कि फ्लैट में चले जाने दें। कुछ जरूरी सामान भी निकालना है। प्राधिकरण और प्रशासन की गलती का खामियाजा आज हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जैसे ही जानकारी मिली तो तुरंत यहां पहुंचे। यहां पुलिस ने बिल्डिंग को सील कर दिया था। भाभी और बच्ची को एक रिश्तेदार के यहां छोड़कर आए है। हमारे पास अभी पैसे नहीं है। फ्लैट के अंदर पैसे रखे हैं।
पुलिस वालों से काफी विनती की है कि फ्लैट में चले जाने दें। कुछ जरूरी सामान भी निकालना है। प्राधिकरण और प्रशासन की गलती का खामियाजा आज हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
अपने घर से भी बेघर होना पड़ा
मथुरा निवासी राकेश चौधरी का मकान रॉयल अपार्टमेंट के सामने है। पुलिस ने राकेश से भी उसका मकान खाली करवा दिया है। राकेश ने बताया कि चार साल पहले भूखंड खरीदकर अपना मकान बनाया था। सोचा था कि मकान में रहना सुरक्षित होता है, लेकिन आज मौत के डर से ही अपना मकान खाली करना पड़ा।
प्राधिकरण का बयान
चिपियाना बुजुर्ग और शाहबेरी गांव की बिल्डिंग में दरार आने की सूचना मिली थी। चिपियाना की बिल्डिंग निर्माणाधीन थी। जबकि, शाहबेरी की बिल्डिंग में कुछ परिवार रह रहे हैं। उनको बाहर निकालकर बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। उसके आगे की कार्रवाई की जा रही है। बिल्डरों पर भी कार्रवाई होगी।
- बाल कृष्ण त्रिपाठी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
प्राधिकरण का बयान
चिपियाना बुजुर्ग और शाहबेरी गांव की बिल्डिंग में दरार आने की सूचना मिली थी। चिपियाना की बिल्डिंग निर्माणाधीन थी। जबकि, शाहबेरी की बिल्डिंग में कुछ परिवार रह रहे हैं। उनको बाहर निकालकर बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। उसके आगे की कार्रवाई की जा रही है। बिल्डरों पर भी कार्रवाई होगी।
- बाल कृष्ण त्रिपाठी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण