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ऑडिट रिपोर्ट : प्राधिकरण को अरबों का नुकसान
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 05 Mar 2017 10:34 PM IST
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file photo
- फोटो : अमर उजाला
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नोएडा विकास प्राधिकरण ने शहर में विकास कार्य कराए, लेकिन इसी कड़ी में कई ऐसे मामले सामने आए जब प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग मामलों में दी गई धनराशि किसी दूसरी एजेंसी के खाते में जाने के बाद वापस लेनी थी जो प्राधिकरण ने नहीं ली।
यही नहीं कहीं-कहीं दोहरा भुगतान भी किया गया। भूमि अध्यापित विभाग नोएडा की वर्ष 2010-11 व 2011-12 की ऑडिट रिपोर्ट में ऐसे 17 अति गंभीर मामले सामने आए जहां प्राधिकरण के अरबों रुपयों की क्षति का पता चला है।
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से बताए गए 17 मामलों में कई मामले जिला प्रशासन से धन वापसी से संबंधित हैं। वहीं कई मामलों में भूमि अधिग्रहण को लेकर व्यय और दूसरे अन्य मामले हैं।
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यही नहीं कहीं-कहीं दोहरा भुगतान भी किया गया। भूमि अध्यापित विभाग नोएडा की वर्ष 2010-11 व 2011-12 की ऑडिट रिपोर्ट में ऐसे 17 अति गंभीर मामले सामने आए जहां प्राधिकरण के अरबों रुपयों की क्षति का पता चला है।
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स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन की ओर से बताए गए 17 मामलों में कई मामले जिला प्रशासन से धन वापसी से संबंधित हैं। वहीं कई मामलों में भूमि अधिग्रहण को लेकर व्यय और दूसरे अन्य मामले हैं।
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इसी तरह के दूसरे मामले में 300 करोड़ की क्षति हुई
क्लास टू अधिकारियों के संपत्ति ब्योरे को सार्वजनिक किया जाना जरूरी है।
इसमें बताया गया है कि जेपी इंफ्राटेक को लागत मूल्य से कम दर पर हस्तांतरित भूमि संबंधी पत्रावली, आपसी समझौते के अंतर्गत क्रय की गई जमीनों का दाखिल खारिज प्राधिकरण के पक्ष में न कराये जाने, समय-समय पर प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहण की गई संपत्तियों का वितरण प्रस्तुत न करने, आपसी करार के माध्यम से क्रय की गई भूमि पर भी अतिरिक्त मुआवजा 67.45 प्रतिशत दिए जाने व अतिरिक्त बढ़े हुए मुआवजे 64.7 प्रतिशत का भुगतान आवंटियों से न वसूलने के कारण प्राधिकरण को अरबों रुपये की क्षति हुई।
इसी तरह के दूसरे मामले में 300 करोड़ की क्षति हुई। एडीएम (एलए) कार्यालय को अधिष्ठान व्यय और अधिग्रहण व्यय के दोहरे भुगतान से संबंधित सूचना अधूरी दी गई। इसमें भी जो राशि शामिल है वह अरबों में हैं। इसी मामले में जो राशि जिला प्रशासन के पास पड़ी है उसमें प्राधिकरण को ब्याज के रूप में 105 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। यही नहीं शासन को भी 15 करोड़ की राजस्व क्षति हो चुकी है।
इसी तरह के दूसरे मामले में 300 करोड़ की क्षति हुई। एडीएम (एलए) कार्यालय को अधिष्ठान व्यय और अधिग्रहण व्यय के दोहरे भुगतान से संबंधित सूचना अधूरी दी गई। इसमें भी जो राशि शामिल है वह अरबों में हैं। इसी मामले में जो राशि जिला प्रशासन के पास पड़ी है उसमें प्राधिकरण को ब्याज के रूप में 105 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। यही नहीं शासन को भी 15 करोड़ की राजस्व क्षति हो चुकी है।
अधिग्रहण प्रस्ताव वापसी के बाद भी अरबों फंसे
प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
प्राधिकरण की ओर से नोएडा के कई गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई गई। इसके बाद इसके अरबों रुपये जिला प्रशासन के पास जमा करा दिए गए, लेकिन किसी विशेष कारणों से अधिग्रहण का प्रस्ताव वापस लेने के बाद भी अरबों रुपये अभी भी जिला प्रशासन के पास ही हैं।
जिन गांवों की जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव लाया गया था। उसमें कामबक्शपुर, मोमनाथल, शाहदरा, भंगेल बेगमपुर और इलाबास के लिए 62,73,82,158 रुपये की राशि प्रेषित की गई, जिसे अब वापस कराना है।
इसी तरह से सर्फाबाद, सलारपुर खादर, रोहिल्लापुर, भंगेल बेगमपुर, शाहदरा गोवर्द्धनपुर, शाहदरा, याकूबपुर, बदौली बांगर, मुबारकपुर और गढ़ी समरतपुर के लिए 23,79,86,948 रुपए की राशि प्रेषित राशि की वापसी होनी है। इसके अलावा मोहियापुर, नलगढ़ा, झट्टा के लिए 1,08,69,87,679 रुपए की राशि वापस करानी है।
जिन गांवों की जमीन के अधिग्रहण का प्रस्ताव लाया गया था। उसमें कामबक्शपुर, मोमनाथल, शाहदरा, भंगेल बेगमपुर और इलाबास के लिए 62,73,82,158 रुपये की राशि प्रेषित की गई, जिसे अब वापस कराना है।
इसी तरह से सर्फाबाद, सलारपुर खादर, रोहिल्लापुर, भंगेल बेगमपुर, शाहदरा गोवर्द्धनपुर, शाहदरा, याकूबपुर, बदौली बांगर, मुबारकपुर और गढ़ी समरतपुर के लिए 23,79,86,948 रुपए की राशि प्रेषित राशि की वापसी होनी है। इसके अलावा मोहियापुर, नलगढ़ा, झट्टा के लिए 1,08,69,87,679 रुपए की राशि वापस करानी है।