'आप' पर संकट: आतिशी का दावा, गिरफ्तार हो सकते हैं केजरीवाल, भाजपा ने पल्ला झाड़ा; कहा- जैसी करनी वैसी भरनी
दिल्ली मंत्री आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधा। नोटिस में उन्हें दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री को सीबीआई अप्रैल महीने में पूछताछ के लिए बुला चुकी है।
विस्तार
दिल्ली में आम आदमी पार्टी शराब घोटाला मामले में लगातार घिरती जा रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने पेश होने के लिए कहा है। जिसके बाद दिल्ली मंत्री आतिशी ने भाजपा पर निशाना साधा। नोटिस में उन्हें दो नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री को सीबीआई अप्रैल महीने में पूछताछ के लिए बुला चुकी है। केजरीवाल से ईडी दिल्ली की नई शराब नीति मामले में पूछताछ करेगी।
आप मंत्री आतिशी ने अरविंद केजरीवाल को समन जारी होने पर कहा कि हमें जानकारी मिल रही है कि अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने दो नवंबर को पेश होने के लिए कहा है। ईडी उन्हें गिरफ्तार करेगी और जेल में डाल देगी। भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाहते हैं। केजरीवाल को गिरफ्तार किया जा सकता है, जबकि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। आप पार्टी से प्रधानमंत्री डरते हैं।
#WATCH | On ED summons to Arvind Kejriwal, AAP Minister Atishi says, "We are getting information that when Arvind Kejriwal appears before ED on November 2, ED will arrest & put him in jail. BJP & the PM want to finish AAP. Arvind Kejriwal will be arrested not because there is any… pic.twitter.com/Pi9h6BwR8y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 31, 2023
आतिशी ने कहा कि जो भी भाजपा के खिलाफ बोल रहे हैं उनको निशाना बनाया जा रहा है। ईडी और बीसीआई अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने तक ही नहीं रुकेगी। इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं को भी जेल में डाला जाएगा। केजरीवाल के बाद हेमंत सोरेन, फिर तेजस्वी यादव, उसके बाद पिनरई विजयन और एमके स्टालिन को गिरफ्तार किया जाएगा।
#WATCH | AAP Minister Atishi says, "The targeting of those who speak against BJP and the misuse of ED & CBI will not end on Arvind Kejriwal, but all leaders of Opposition and INDIA alliance will also be put in jail. After Arvind Kejriwal's arrest, the next number will be of… pic.twitter.com/xfZAdNE0s8
— ANI (@ANI) October 31, 2023
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि आज दिल्लीवासियों के जीवन में दशहरा दिवस है जब सच्चाई की जीत हुई है और जल्द ही दिल्ली को अरविंद केजरीवाल के भ्रष्ट शासन से मुक्ति मिलेगी। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने अरविंद केजरीवाल को ईडी के समन का स्वागत किया है और कहा है कि यह सच्चाई की जीत का दिन है।
आज जब सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसौदिया की जमानत खारिज कर दी तो इससे भाजपा के शराब घोटाले के आरोप सही साबित हो गए और केजरीवाल को ईडी का समन, केजरीवाल टीम के जेल जाने के साथ भ्रष्टाचार की गाथा को अंजाम तक ले जाने का अंतिम कदम है।
रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल पर कसा तंज
भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा और कहा कि उनकी स्पष्ट मंजूरी के साथ इतना बड़ा घोटाला नहीं हो सकता था।
प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए सीएम केजरीवाल को 2 नवंबर को तलब किया है। जिसके एक दिन बाद भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि जैसी करनी वैसी भरनी। जो आप बोएंगे वही तो आप काटेंगे। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के आरोपों पर कहा कि यह केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी है, जो अपने कुकर्मों, भ्रष्टाचार और घोटालों से खुद को खत्म कर रही है।
जांच से भाजपा का आप पार्टी से कोई लेना देना नहीं
प्रेस वार्ता के दौरान प्रसाद ने दावा किया कि भाजपा का आप के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अपने हिसाब से चल रही है। एजेंसियां क्या करती हैं, यह हमारी चिंता का विषय नहीं है। यह उन्हें तय करना है।
I'd like to ask Arvind Kejriwal the following questions:
— BJP LIVE (@BJPLive) October 31, 2023
1. Why did you change the Excise policy?
2. Is there a record of the meeting of the Group of Ministers?
3. Why was the tax rate increased to 12%?
4. If the policy was considered good and efficient, why was it scrapped… pic.twitter.com/e26mE2q5Qa
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अरविंद केजरीवाल से कुछ सवाल पूछे हैं...
1. आपने आबकारी नीति क्यों बदली?
2. क्या मंत्री समूह की बैठक का कोई रिकॉर्ड है?
3. टैक्स की दर 12 फीसदी तक क्यों बढ़ाई गई?
4. अगर पॉलिसी अच्छी और कारगर मानी गई थी तो उसे महज 10 महीने में ही खत्म क्यों कर दिया गया?