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मोदी की राह पर केजरीवाल, डेनमार्क सी-40 सम्मेलन को हिंदी में किया संबोधित
Fri, 11 Oct 2019 09:37 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 11 Oct 2019 09:37 PM IST
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arvind kejriwal
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वैश्विक मंचों पर हिंदी में बोलने का फैसला किया है। कोपेनहेगन के सी-40 शिखर सम्मेलन के 94 देशों के नगर अध्यक्षों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए केजरीवाल ने शुक्रवार को हिंदी में अपनी बातें रखीं। दिलचस्प यह कि हिंदी के हक में खड़े होने के पीछे केजरवाल की अपनी दलीलें हैं। संबोधन के बाद सोशल मीडिया पर उठे सवालों का केजरीवाल ने बाकायदा जवाब भी दिया है।
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केजरीवाल का कहना है कि कई लोगों को हिंदी में बात करने में शर्म महसूस होती है। ऐसी मानसिकता ठीक नहीं है। भाषा किसी भी देश की संस्कृति व पहचान का अहम हिस्सा है। अगर हमें भारत से प्यार है तो अपने देश की भाषाओं से प्यार होना स्वाभाविक है। किसी भी देश की भाषा दुनिया में उस देश की पहचान मजबूत करती है।
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केजरीवाल ने कहा कि जापान, चीन, फ्रांस के लोग अपने देश की भाषा में बात करके गर्व महसूस करते हैं। जबकि इनमें से बहुत से लोगों का अंग्रेजी आती है। ऐसे में भारतीय होने के नाते हमें अपनी भाषा में बोलने में गर्व होना चाहिए। भले ही वह तमिल, तेलगू, कन्नड, बंगाली सरीखी भाषाओं में बोलें।
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केजरीवाल के मुताबिक, उन्होंने तय किया है कि अब वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी में ही बात करेंगे। इसका मतलब यह नहीं कि वह अंग्रेजी के खिलाफ हैं। लेकिन जब भी दूसरे देश के सामने बात रखनी होगी तो वह गर्व से अपनी देश की भाषा में बात करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका, यूरोप समेत अपने विदेशी दौरों पर वहां के राष्ट्राध्यक्षों के साथ हिंदी में ही अपनी बात रखते हैं। इससे हिंदी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनी जा रही है।