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विज्ञापन पर खर्च को लेकर अरविंद केजरीवाल को 97 करोड़ वसूली का नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 13 Apr 2017 10:21 AM IST
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दिल्ली सरकार के सूचना एवं प्रचार निदेशालय ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली सरकार की तरफ से विज्ञापन पर खर्च की गई राशि वसूली का नोटिस जारी किया है।
नोटिस 97.14 करोड़ रुपये का भेजा गया है जिसमें सरकार की तरफ से चुकाए जा चुके 42.26 करोड़ रुपये तत्काल सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा गया है।
वहीं विज्ञापन एजेंसी की बकाया 54.88 करोड़ रुपये की राशि संबंधित विज्ञापन एजेंसी को नोटिस मिलने के 30 दिन में जमा कराने को कहा गया है।
उपराज्यपाल के निर्देश से नोटिस सूचना एवं प्रचार निदेशक ने जारी किया है। विभाग ने नोटिस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन की तरफ से दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया है।
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नोटिस 97.14 करोड़ रुपये का भेजा गया है जिसमें सरकार की तरफ से चुकाए जा चुके 42.26 करोड़ रुपये तत्काल सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा गया है।
वहीं विज्ञापन एजेंसी की बकाया 54.88 करोड़ रुपये की राशि संबंधित विज्ञापन एजेंसी को नोटिस मिलने के 30 दिन में जमा कराने को कहा गया है।
उपराज्यपाल के निर्देश से नोटिस सूचना एवं प्रचार निदेशक ने जारी किया है। विभाग ने नोटिस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन की तरफ से दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया है।
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विज्ञापन खर्च में हुआ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताकर सरकारी विज्ञापन सामग्री विनियमन पर गठित समिति ने ये राशि वसूली के निर्देश सरकार को दिए थे। इसमें सरकारी धन का दुरुपयोग करके पार्टी को फायदा पहुंचाने की बात कही गई थी।
एमसीडी चुनाव के बीच में जारी इस नोटिस से सरकार और राजनिवास के बीच टकराव की संभावना और बढ़ गई है। अनिल बैजल ने इससे पहले नियमों को दरकिनार करके आप को आवंटित ऑफिस रद्द किया था।
इससे पूर्व वन रैंक वन पेंशन मामले में आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के कैबिनेट फैसला भी उपराज्यपाल ने नामंजूर कर दिया था।
एमसीडी चुनाव के बीच में जारी इस नोटिस से सरकार और राजनिवास के बीच टकराव की संभावना और बढ़ गई है। अनिल बैजल ने इससे पहले नियमों को दरकिनार करके आप को आवंटित ऑफिस रद्द किया था।
इससे पूर्व वन रैंक वन पेंशन मामले में आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के कैबिनेट फैसला भी उपराज्यपाल ने नामंजूर कर दिया था।