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Delhi: 6 फरवरी को कोर्ट में सुनीं जाएंगी सीएम आतिशी, संजय सिंह की दलीलें; यहां जानें क्या है पूरा मामला

Tue, 28 Jan 2025 04:03 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 28 Jan 2025 04:03 AM IST
सार

सीएम आतिशी और आप सांसद संजय सिंह के वकील रजत भारद्वाज ने कहा कि उन्हें शिकायत की कॉपी मिल गई है। हालांकि, कुछ पन्ने पढ़ने लायक नहीं हैं। कोर्ट ने संदीप दीक्षित के वकील से कहा कि वे दस्तावेजों की पढ़ने लायक कॉपी उपलब्ध कराएं।

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Arguments of CM Atishi and Sanjay Singh will be heard in the court on February 6
संजय सिंह और सीएम आतिशी - फोटो : x/aap

विस्तार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने मानहानि की शिकायत में आरोपी मुख्यमंत्री आतिशी और आप विधायक संजय सिंह की दलीलों पर बहस छह फरवरी को तय की है। कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया है।

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उनके वकील ने कहा कि उन्हें शिकायत की एक प्रति मिल गई है। दीक्षित नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) पारस दलाल ने बताया कि मामले को छह फरवरी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
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सीएम आतिशी और आप सांसद संजय सिंह के वकील रजत भारद्वाज ने कहा कि उन्हें शिकायत की कॉपी मिल गई है। हालांकि, कुछ पन्ने पढ़ने लायक नहीं हैं। कोर्ट ने संदीप दीक्षित के वकील से कहा कि वे दस्तावेजों की पढ़ने लायक कॉपी उपलब्ध कराएं। संदीप दीक्षित के वकील ने यह भी कहा कि यदि प्रस्तावित आरोपी अपने आरोप वापस ले लेता है, तो वह उन पर मुकदमा न चलाने के बारे में सोच सकते हैं।
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अदालत ने 16 जनवरी को पूर्व कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित की तरफ से दायर मानहानि की शिकायत पर आतिशी और संजय सिंह को नोटिस जारी किया था। शिकायत पर संज्ञान लेने से पहले प्रस्तावित आरोपियों को सुनने के लिए नोटिस जारी किए थे।


आप का पंजीकरण रद्द करने की मांग याचिका की जांच से इन्कार
उच्च न्यायालय ने सोमवार को आप का पंजीकरण रद्द करने की मांग वाली याचिका की जांच करने से इन्कार कर दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि आप आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी और उसके उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा करने में विफल रही है। याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ से भारतीय चुनाव आयोग को पार्टी का पंजीकरण रद्द करने का निर्देश देने का आग्रह किया, जिसमें तर्क दिया गया कि उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास का खुलासा न करना सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है। अश्विन मुदगल नामक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों द्वारा आपराधिक इतिहास प्रकाशित करने का आदेश देता है।

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