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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Ankit conquered the Abi Gamin peak, driven by Army discipline and passion.

Delhi NCR News: सेना के अनुशासन और जुनून से अंकित ने फतह की अबी गामिन चोटी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 05:10 PM IST
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-बलजीत नगर निवासी जवान ने 7,355 मीटर की ऊंचाई पर हासिल की सफलता
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सोनम प्रतिहस्त
नई दिल्ली। वर्दी पहनकर देश की रक्षा करने का जज्बा और बर्फीली चोटियों को फतह करने का जुनून...। इन दोनों के बीच संतुलन बनाकर दिल्ली के अंकित कुमार ने एक खास उपलब्धि हासिल की है। पटेल नगर के बलजीत नगर निवासी भारतीय सेना के जवान अंकित ने उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित 7,355 मीटर ऊंची अबी गामिन चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है। कामेत पर्वत समूह का हिस्सा इस चोटी तक पहुंचने का उनका सफर कठिन परिस्थितियों, शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती की परीक्षा रहा।

अंकित के लिए यह उपलब्धि केवल एक शिखर तक पहुंचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत, लगन और सेना से मिले अनुशासन का परिणाम है। अंकित के मुताबिक, सेना की नौकरी के साथ पर्वतारोहण की तैयारी करना आसान नहीं था। ड्यूटी से मिले सीमित समय में उन्होंने अपनी शारीरिक क्षमता और फिटनेस पर लगातार काम किया। सेना में सीखे अनुशासन, धैर्य और मानसिक मजबूती ने उन्हें इस चुनौती के लिए तैयार किया। उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में टीम के साथ काम करना और आखिरी क्षण तक प्रयास करते रहना सेना ने सिखाया, जिसका फायदा अभियान के दौरान मिला।
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कम ऑक्सीजन और बदलते मौसम के बीच चढ़ाई
7,355 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के दौरान कम ऑक्सीजन, कड़ाके की ठंड, दुर्गम रास्ते और बदलता मौसम बड़ी चुनौतियां रहे। अंकित बताते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में सही गति से आगे बढ़ना, ऊंचाई के अनुकूल खुद को ढालना और टीम के साथ तालमेल बनाए रखना जरूरी होता है। उन्होंने पूरी चढ़ाई के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, पर्वतारोहण में जल्दबाजी के बजाय धैर्य, सतर्कता और सही तैयारी सबसे महत्वपूर्ण हैं।
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परिवार के विश्वास ने बढ़ाया हौसला
अभियान के दौरान परिवार को उनकी सुरक्षा की चिंता सताती रही। ऊंचाई पर नियमित संपर्क नहीं हो पाने के कारण परिजन उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार करते रहे। अंकित कहते हैं, मेरी इस उपलब्धि में परिवार के विश्वास और दुआओं का भी बड़ा योगदान है। युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ा सपना देखने के साथ उसे पूरा करने के लिए अनुशासन, मेहनत और निरंतर प्रयास जरूरी हैं। पर्वतारोहण में रुचि रखने वालों को उन्होंने पहले प्रशिक्षण लेने और पहाड़ों की परिस्थितियों को समझने की सलाह दी।
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