दो और गांवों में महामारी ने पसारे पैर
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ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके की बीरमपुर गांव के निकटवर्ती दो और गांवों में डायरिया ने फैल गया है। वहां पर करीब 24 बच्चों में डायरिया पाया गया है। शुक्रवार शाम को चता चला कि बीरमपुर के नजदीकी गांव पचोकरा और नगला पदम सिंह में भी डायरिया के मरीज मिले हैं।
बताया गया कि वहां करीब 24 बच्चे बीमार हैं, जिन्हें निजी अस्पतालों में ले जाया गया है। वहीं, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित पूजा (4) निवासी पचोकरा की शुक्रवार को मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है उसकी मौत डायरिया से हुई है।
बीरमपुर कैंप में शुक्रवार को 65 नए मरीज पहुंचे। इनमें से तीन मरीज डायरिया के पाए गए। इनमें से दो पड़ोसी गांव के हैं। साबौता में भी मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ज्यादातर का उपचार निजी अस्पतालों में ही कराया जा रहा है। डीएम एवी राजमौली व सीएमओ डॉ. आरके गर्ग कैंपों की निगरानी कर रहे हैं।
शुक्रवार को बीरमपुर, साबौता, नगला हुकुम सिंह, नगला जहानू, भुन्ना तगा, चक बीरमपुर आदि कैंपौं में करीब 200 नए मरीज मिले। सीएमओ डॉ. आरके गर्ग ने बताया कि बीरमपुर और साबौता में सात मरीजों में डायरिया पाया गया है। नगला हुकम सिंह में 30, नगला जहानू में 10 और भुन्ना तगा में 42 नए रोगी सामने आए हैं। इनमें से ज्यादातर में बुखार, खांसी तथा अन्य बीमारियां मिलीं। चक बीरमपुर में मिले 15 नए मरीजों में से दो में डायरिया पाया गया है।
हैजा के तीन संदिग्ध रोगियों के सैंपल गायब
नोएडा के बीरमपुर गांव के तीन हैजा संदिग्ध मरीजों के स्टूल सैंपल गायब हो गए हैं। सीएमएस और पैथोलॉजी विभाग इस गड़बड़ी के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। मामला सीएमओ के संज्ञान में आने के बाद सीएमएस ने लैब टेक्नीशियन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र का कहना है कि करीब चार दिन पहले हैजा के तीन संदिग्ध मरीजों के स्टूल सैंपल लैब टेक्नीशियन को दिए गए थे। ये जांच के लिए लाल पैथलैब जाने थे। प्रति जांच के आधार पर 1500 रुपये दिए गए थे। अब सैंपल गायब हो गए हैं।
वहीं, पैथोलॉजिस्ट डॉ. एचएम लवानिया का कहना है कि तीनों मरीज डिस्चार्ज हो गए थे, इसलिए उनका सैंपल नहीं लिया जा सका था। अन्य दो सैंपल बृहस्पतिवार को लाल पैथलैब भेजे गए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. आरके गर्ग ने कहा कि यह बड़ी लापरवाही है। अस्पताल प्रशासन से इसका जवाब मांगा गया है।
हैजा का एक और संदिग्ध रोगी मिला
शुक्रवार को हैजा का एक और संदिग्ध बच्चा मिला। यह रोगी सेक्टर-24 स्थित ईएसआई अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सा निदेशक डॉ. आरएस जंगपांगी ने बताया कि दो दिन पहले भर्ती हुए बच्चे को दिल्ली के आईडीएच अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
24 घंटे में डायरिया के 51 मरीज
ईएसआई अस्पताल की इमरजेंसी में 24 घंटे में डायरिया के 51 रोगी सामने आए हैं। साथ ही रोजाना 10 से 12 रोगी भर्ती हो रहे हैं। बच्चों के वार्ड में 13 रोगी भर्ती हैं। ग्रेटर नोएडा की ईएसआई डिस्पेंसरी में रोजाना आठ से दस डायरिया पीड़ित आ रहे हैं। जिला अस्पताल में तीन डायरिया पीड़ित भर्ती हैं। ओपीडी में रोजाना औसतन 20 मरीजों में डायरिया की पुष्टि हो रही है। निजी अस्पतालों में भी इतनी ही संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
डायरिया से एक और बच्ची की मौत
गाजियाबाद से सटे बुलंदशहर के सिकंदराबाद के डायरिया का प्रकोप गांवों से अब शहर की ओर बढ़ना शुरू हो गया है। रबूपुरा क्षेत्र के गांव बीरमपुर में दो मासूमों की मौत के बाद शुक्रवार सुबह नगर में डायरिया से पीड़ित दो साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया।
गुलावठी रोड निवासी बबलू की बेटी महक (2) की तबियत बृहस्पतिवार शाम को खराब हो गई। परिजनों के मुताबिक महक को उल्टी-दस्त होने पर उसे निजी अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन रात में हालत और बिगड़ गई। शुक्रवार सुबह बेहोशी जैसी हालत देखकर परिजन घबड़ा गए।
बच्ची को लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने महक को मृत घोषित कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। डा. नरेंद्र ने बताया कि बच्ची को लेकर जब परिजन पहुंचे तो वह पहले से ही मृत थी।
बुलंदशहर में भी अलर्ट
बीरमपुर के साथ अन्य गांवों में भी बढ़ते डायरिया के मरीजों के चलते बुलंदशहर के स्वास्थ्य विभाग ने भी रबूपुरा से सटे जिले के गांवों में अलर्ट कर दिया है। बुलंदशहर के सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्र से सटे गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। सीएचसी और पीएचसी के स्टाफ को गांव-गांव जाकर दौरा करने के आदेश जारी किए गए हैं।