सहानुभूति के बहाने लोगों ने की माहौल बिगाड़ने की कोशिश
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बिसाहड़ा गांव में इकलाख की हत्या के बाद गांव में दिल्ली से आए एक संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। उन्होंने एसडीएम की कार पर हमला किया और कई बार कार से नीचे तक खींच लिया। एसडीएम ने संयम से किसी तरह उन्हें समझाया और वहां से निकल गए।
दरअसल, इकलाख के परिवार को सांत्वना देने सुबह ही एक समुदाय के विशेष पहचान रखने वाले नेता पहुंचे थे। उनके कुछ समर्थक गांव में ही रह गए। पहले तो उन्होंने पीड़ित परिवार के रिश्तेदार बनकर पुलिस और प्रशासन पर दबाव बनाया।
फिर गांव के लोगों को गिरफ्तार कराने के लिए पूरा ड्रामा किया। इसके बाद जब परिवार के लोगों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया तो उन्होंने मीडियाकर्मी बनकर पुलिस और प्रशासन को खरी-खोटी सुनाई और गांव के लोगों के खिलाफ भी दुष्प्रचार किया।
रास्ते में सड़क पर लेटकर उन्हें रोक लिया
इस बीच एसडीएम दादरी राजेश कुमार परिवार से मिलने पहुंचे तो उक्त लोगों ने शोर मचा दिया कि एसडीएम ने परिवार के लोगों को धमकाया है। इस बात को कुछ लोगों ने इतना तूल दे दिया कि मामला बिगड़ गया और उक्त कार्यकर्ताओं ने एसडीएम का पीछाकर उन्हें घेरने का प्रयास किया। जब वह सड़क पर आकर गाड़ी में बैठने लगे तो उन्होंने एसडीएम को कार से खींच लिया।
एसडीएम ने पास में खड़ी एक पुलिस जीप में बैठकर जाने का प्रयास किया तो उपद्रवियों ने उन्हें वहां से भी उतार लिया। एसडीएम गाड़ी में बैठे तो कुछ लोगों ने रास्ते में सड़क पर लेटकर उन्हें रोक लिया।
जबकि कुछ उपद्रवियों ने उन्हें कार से खींच लिया, मीडिया के कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई और एसडीएम को कार में बैठाकर किसी तरह बचाया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को शांत रहने की हिदायत दी।
कराई जाएगी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट
सीओ अनुराग ने बताया कि दिल्ली से एक संगठन के लोग बिसाहड़ा में आए थे उनकी पहचान काफी हद तक कर ली गई है और पूरी पहचान होने के बाद उनके खिलाफ माहौल बिगाड़ने के प्रयास का मामला दर्ज करने और एसडीएम दादरी के साथ अभद्रता करने का मामला भी दर्ज किया।
इकलाख के भाई जमील का कहना है कि कुछ लोग उनके पारिवारिक और रिश्तेदार बनकर माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं जबकि उनके सहित दो भाई ही घर पर मौजूद हैं, इसलिए पुलिस का काम है कि वह ऐसे लोगों को यहां आने से रोके या फिर उनकी पहचान होने के बाद ही आने दे।
इकलाख का भाई कहता है कि परिवार को पुलिस-प्रशासन से पूरी सुरक्षा और हमदर्दी के साथ-साथ सहयोग मिल रहा है। उन्हें या उनके परिवार को किसी तरह की एसडीएम दादरी ने कोई धमकी नहीं दी है, बल्कि अपेक्षा से अधिक सहयोग दिया है। कुछ बाहरी लोग आकर उनके परिवार पर राजनीति कर रहे हैं।
इकलाख के बेटे सरताज ने डीएम को पत्र लिखकर की अपील
इकलाख के बेटे सरताज ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शासन, प्रशासन, मीडिया और समाज के अन्य लोगों के सहयोग का शुक्रिया अदा करते हुए अब उनके और उनके परिजनों को चैन से रहने देने की अपील की है।
सरताज ने लिखा है, ‘दुख की घड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री, मीडिया और समाज ने हमारा दुख बांटा। इस कठिन वक्त में उन्हें तसल्ली दी, इसके लिए सभी का शुक्रिया। तीन दिनों में मुझे और मेरे परिवारवालों को जो भी बात कहनी थी, सभी बताई जा चुकी हैं।
मां, बहन और दादी की तबीयत ठीक नहीं है। मेरे भाई का इलाज चल रहा है जिसकी हालत नाजुक है। मैं और परिवार आप सभी से गुजारिश करता है कि परिवार को मेरे घर में चैन से रहने दें।