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गाड़ी चोरी होते ही पुलिस के पास जाएगा अलर्ट: हादसे और ट्रैफिक को रोकने वालों की मिलेगी जानकारी; ये होंगे फायदे
Sun, 04 Oct 2026 03:00 PM IST
Sharukh Khan
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 04 Oct 2026 03:00 PM IST
सार
देश की राजधानी दिल्ली में अब गाड़ी चोरी होते ही पुलिस के पास अलर्ट चला जाएगा। इसके अलावा आईटीएमएस के जरिए सड़क हादसे और ट्रैफिक को रोकने वालों की जानकारी भी मिलेगी।
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Delhi Police
- फोटो : ANI
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी से हर 14 से 15 मिनट में एक वाहन चोरी होता है... मगर अब ऐसा नहीं होगा। दिल्ली में वाहन चोरी होते ही पुलिस के पास अलर्ट चला जाएगा। साथ ही चोरी की गाड़ी के मूवमेंट व अगले गंतव्य तक कितने समय में पहुंचेगी..आदि के बारे में भी आसानी से पता लग जाएगा।
यह सब ट्रैफिक इंटेलीजेंट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से संभव हो सकेगा। इसके अलावा सड़क दुर्घटना व ट्रैफिक को रोकने वालों के बारे में आसानी से पता लग जाएगा।
दिल्ली में हर दिन औसतन 95 से 100 वाहन चोरी होते हैं। साल भर में लगभग 35,000 से 40,000 वाहन चोरी के मामले दर्ज किए जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2025 में वाहन चोरी के लगभग 35,014 मामले दर्ज किए थे।
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यह सब ट्रैफिक इंटेलीजेंट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से संभव हो सकेगा। इसके अलावा सड़क दुर्घटना व ट्रैफिक को रोकने वालों के बारे में आसानी से पता लग जाएगा।
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दिल्ली में हर दिन औसतन 95 से 100 वाहन चोरी होते हैं। साल भर में लगभग 35,000 से 40,000 वाहन चोरी के मामले दर्ज किए जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2025 में वाहन चोरी के लगभग 35,014 मामले दर्ज किए थे।
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त (आधुनिकता, हेडक्वाटर) एसके सिंह ने इस सिस्टम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आईटीएमएस का सबसे बड़ा फायदा वाहनों की चोरी का रोकना होगा। उन्होंने बताया कि अगर किसी क्षाना क्षेत्र से वाहन चोरी होता है और उसकी संबंधित पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज होती है तो सीसीटीएनएस से एरिया के ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) को अलर्ट चला जाएगा।
आईटीएमएस को दिल्ली पुलिस के सीसीटीएनएस, भारत सरकार के ई-सारथी और वाहन आदि पोर्टल से जोड़ा जाएगा। अगर किसी मार्ग पर कोई सड़क दुर्घटना होती है या फिर किसी वजह से ट्रैफिक रूकता व गति सीमा कम होती है तो आईटीएमएस से संबंधित एरिया के टीआई के पास अलर्ट चला जाएगा।
पूरे शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट
सिस्टम को एकीकृत ट्रैफिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से संचालित किया जाएगा। इससे ट्रैफिक नियंत्रण, नियम प्रवर्तन और सार्वजनिक सूचना एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित होगी। इस प्रोजेक्ट में 1,092 अडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और 1,029 एनफोर्समेंट लोकेशन शामिल होंगे। इस सिस्टम के तहत शुरूआत में 2500 से ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे।
सिस्टम को एकीकृत ट्रैफिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से संचालित किया जाएगा। इससे ट्रैफिक नियंत्रण, नियम प्रवर्तन और सार्वजनिक सूचना एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित होगी। इस प्रोजेक्ट में 1,092 अडैप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम और 1,029 एनफोर्समेंट लोकेशन शामिल होंगे। इस सिस्टम के तहत शुरूआत में 2500 से ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे।