{"_id":"5fe9e83b8ebc3e3e80596733","slug":"amid-chilling-temperature-farmer-protests-bare-bodied-with-tricolour-painted-on-him","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: सिंघु बॉर्डर पर कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के प्रदर्शन कर रहा है ये किसान, कहा- सर्दी हमारी लड़ाई की तुलना में कुछ भी नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: सिंघु बॉर्डर पर कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के प्रदर्शन कर रहा है ये किसान, कहा- सर्दी हमारी लड़ाई की तुलना में कुछ भी नहीं
Mon, 28 Dec 2020 07:44 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 28 Dec 2020 07:44 PM IST
विज्ञापन
सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसान
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में सर्द तापमान के बावजूद किसान सीमाओं पर डटे हुए हैं। यहां किसान अपने-अपने तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। कृषि कानूनों का वरोध कर रहे विकास यादव सिंघु बॉर्डर पर बिना कपड़ों के प्रदर्शन कर रहे हैं। विकास ने अपने शरीर पर झंडे को चित्रित किया हुआ है।
विज्ञापन
विकास उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों का विरोध करने आए हुए हैं। उन्होंने अपनी बाहों और चेहरे पर नारे लिखे हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे सरकार का ध्यान प्रदर्शन की ओर आकर्षित होगा। विकास यादव एक सप्ताह से प्रदर्शन में शामिल हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि कोई हमारी बात नहीं सुन रहा है। हम सड़क पर रह रहे हैं। लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। शायद अब वे हमारी ओर ध्यान दें।
उन्होंने एक हफ्ते तक चुपचाप विरोध किया और चीजों को बदलने की उम्मीद की। लेकिन सरकार की निष्क्रियता से निराश होने के बाद, उन्होंने अपने शरीर को रंगवाने का फैसला किया और 200 रुपये का भुगतान किया। उनके लिए उनके शरीर को चित्रित करना किसानों की एकता और शक्ति का प्रदर्शन करना है।
विज्ञापन
विकास ने कहा कि सरकार हमें नजरअंदाज कर रही है। मैं एक हफ्ते पहले यहां आया था और कुछ भी नहीं बदला है। वे इस ठंड में किसानों के सड़क पर होने की परवाह नहीं कर रहे। वे हमारे मरने पर भी परवाह नहीं करेंगे।
यादव ने कहा कि मैंने सरकार को यह दिखाने के लिए किया है हम किसी चीज से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि वे अपने शरीर पर रोजाना नए नारे लिखते रहेंगे जब तक कि सरकार किसानों की मांगों को पूरा नहीं करती।
उनसे जब पूछा गया कि क्या वे ठंड से परेशान हो रहे हैं? तो विकास ने कहा कि ठंड हमारी लड़ाई की तुलना में कुछ नहीं है। मैं यह अपने और किसान भाइयों के लिए कर रहा हूं।