यहां बेटियों को बचाने के लिए राष्ट्रपति ओबामा से होगी बात
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प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात का मुद्दा अमेरिका तक पहुंच गया है। इस दाग को धोने में मदद के लिए अविभाजित पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखने वाले अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा आगे आए हैं।
हरियाणा सरकार के कॉल फॉर एक्शन-बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने कहा कि उन्होंने खुद इस कार्यक्रम से जुड़ने की इच्छा जताई।
अब प्रदेश में लड़कियों की स्थिति और लिंगानुपात सुधारने की दिशा मेें वह अपने देश के राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी बात करेंगे।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार की प्रमुख एजेंसी अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (यूएसएआईडी) अब घर-घर तक पहुंचेगी और बेटी बचाने के लिए प्रेरित करेगी।
अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी घर-घर पहुंच जागरूक करेगी
रिचर्ड अपने साथ दो और अमेरिकी गैर सरकारी संस्थाओं इंद्राणीज लाइट फाउंडेशन (आईएलएफ) और पॉपुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल (पीएसआई) को भी प्रदेश के इस अभियान को गति देने की जिम्मेदारी दी है।
ये संगठन भी प्रदेश में इस अभियान को लागू करने और लिंगानुपात सुधारने में मदद करेंगे। इन संस्थाओं के जुड़ने के बाद अब प्रदेश के हर जिले में सर्वे किया जाएगा।
इसमें लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या के कारणों को तलाशने के साथ लोगों के सामने अमेरिकी लड़कियां प्रेरणा के रूप में सामने आएंगी। रिचर्ड अमेरिकी कंपनियों को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबलिटी) का पैसा इस अभियान में लगाने की अपील करेंगे।
कंपनियों में महिला कर्मचारियों की बढ़ोतरी करने को कहा जाएगा। रिचर्ड ने कहा जब तक प्रदेश में लिंगानुपात संतुलन में सुधार नहीं होता है, तब तक प्रदेश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी स्वीकार किया आज भी प्रदेश के कई गांवों में लिंगानुपात की स्थिति बहुत ही खराब है। बेटों की शादी के लिए दूसरे प्रदेशों में जाना पड़ रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन ने भी कन्या भ्रूण हत्या के मामले को देखते हुए कहा कि 16वीं शताब्दी जैसी स्थिति है।