सीलिंग पर श्वेत पत्र जारी करेंगे कारोबारी, सर्वदलीय व्यापार संसद में केंद्र सरकार ने दिया ये सुझाव
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सीलिंग से राहत के लिए व्यापारियों ने मंगलवार को सर्वदलीय व्यापार संसद का आयोजन किया। इस मौके पर व्यापारियों ने एक स्वर में सीलिंग पर रोक लगाने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि दिल्ली में समस्याओं के लिए हमेशा व्यापारी को जिम्मेदार ठहराना न्याय संगत नहीं है। सीलिंग को बढ़ावा देने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन समेत दिल्ली के 200 से अधिक प्रमुख व्यापारिक संगठनों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इस कार्यक्रम के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को आमंत्रित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी सरकार का पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। हालांकि दिल्ली सरकार की तरफ से इस कार्यक्रम में कोई नहीं आया।
कंफेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि सीलिंग के मामले में एक श्वेत पत्र जारी किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि किस प्रकार दिल्ली को बद से बदतर बनाया गया। सीलिंग से राहत के लिए पूरे दिल्ली में हल्ला बोल आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर केंद्र सरकार द्वारा टास्क फोर्स गठित करने के सुझाव का व्यापारियों ने स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सीलिंग पर उपराज्यपाल की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बननी चाहिए। इसमें व्यापारियों का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए।
'इस महीने सीलिंग की समस्या का समाधान निकलेगा'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि शहर का क्षैतिज विकास की जगह लंबवत विकास होना चाहिए। ताकि सीलिंग, बिजली, पानी की समस्या उत्पन्न नहीं हो। मास्टर प्लान में हमने कई प्रावधान किए थे। केंद्र की यूपीए सरकार ने मास्टर प्लान में जो संशोधन किया है वह काफी है। इसे लागू करने की आवश्यकता है। रिहायश की जगह कमर्शियल गतिविधियों के बगैर मुश्किल होता है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि इस महीने सीलिंग की समस्या का समाधान निकलेगा। केंद्र सरकार टास्क फोर्स का गठन कर रही है। सुप्रीम कोर्ट से नरम रुख अपनाने का आग्रह किया गया है। तिवारी ने माकन से सीलिंग मसले पर बैठक करने का आग्रह किया। कहा कि वह अनुभवी हैं मिलकर रास्ता निकाल लेंगे। दो दिन बाद सीलिंग से राहत के लिए दोनों नेता मिलेंगे।
दक्षिणी दिल्ली की मेयर कमलजीत सेहरावत ने भी मौजूद व्यापारियों को सीलिंग से राहत देने का आश्वासन दिया। हालांकि अमर कॉलोनी व अन्य जगहों से पहुंचे व्यापारियों ने विरोध भी दर्ज किया। सर्वदलीय बैठक में व्यापारियों ने राजनीतिक पार्टी के नुमाइंदों से पूछा कि सीलिंग के बारे में उनके दल का दृष्टिकोण क्या है। दिल्ली में सीलिंग रोकने का फार्मूला क्या है। व्यापार संसद में यह भी कहा गया की यह मामला केवल 8-10 लाख व्यापारियों का नहीं है बल्कि उन पर आश्रित करीब 40 लाख कर्मचारी और उनके परिवारों का भी है। हालांकि सीलिंग को लेकर अब व्यापारी बंटने लगे हैं।
पुरानी दिल्ली के कई व्यापारियों का कहना है कि बैठक, रैली, सर्वदलीय बैठक, विरोध-प्रदर्शन से कुछ नहीं होने वाला है। अब व्यापारियों को ठोस परिणाम चाहिए। बता दें कि कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व चैंबर ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन पहले से ही अलग-अलग सुर अलाप रहे है। एक मंच पर आकर सीलिंग का विरोध करने को दोनों संगठन तैयार नहीं होते।