दिवाली से पहले प्रदूषण का कहर: दिल्ली एनसीआर में हवा हुई बहुत खराब, जानें कहां कितना दर्ज किया गया एक्यूआई
बिना पटाखे चले दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हालत खराब हो चुकी है। राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई 400 पार पहुंच गया है। नोएडा, गाजियाबाद की भी हालत अच्छी नहीं है।
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दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा की हालत काफी खराब हो चुकी है। नवंबर के पहले ही सप्ताह में वायु प्रदूषण ने विकराल रूप ले लिया। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में हवा की गुणवत्ता अच्छी नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सुबह आठ बजे आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 377, नोएडा में 314, ग्रेटर नोएडा में 266, गाजियाबाद में 236, गुरुग्राम में 324 एक्यूआई दर्ज किया गया।
दिल्ली के कई इलाकों में 400 पार एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों को मुताबिक, अलीपुर में 422, आनंद विहार में 302, अशोक विहार 348, आया नगर 382, बदरपुर 334, बवाना 411, चांदनी चौक 370, द्वारका सेक्टर-8 में 400, आईआईआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर 360, आईटीओ 421, जहांगीरपुरी 450, लोधी रोड 316, मुंडका 443, ओखला फेज-2 में 414, पटपड़गंज में 419, पंजाबी बाग 456, रोहिणी 436, डीटीयू 435, विवेक विहार 435, नरेली 419, नॉर्थ कैंपस 416 एक्यूआई दर्ज किया गया।
नोएडा के सेक्टर 62 का बुरा हाल
सीपीसीबी के सुबह आंकड़ों के अनुसार, नोएडा के सेक्टर 110 में 349, सेक्टर 116 में 261, सेक्टर 125 में 243, सेक्टर 150 में 351, सेक्टर-1 में 244, सेक्टर 39 में 321, सेक्टर 62 में 426 एक्यूआई दर्ज किया गया।
गाजियाबाद में 300 पार एक्यूआई
गाजियाबाद में हवा की हालत खराब है। जिले के कई इलाकों में एक्यूआई 300 पार पहुंच गया है। लोनी में 304 , वेव सिटी में 312 और संजय नगर में 308 एक्यूआई दर्ज किया गया।
मंगलवार को दिल्ली में इतना रहा एक्यूआई
प्रदूषण के मामले में जहांगीरपुरी 461 एक्यूआई के साथ राजधानी में सबसे ऊपर रहा। इसके बाद रोहिणी में 447, पंजाबी बाग में 445, डीटीयू में 442 और अलीपुर में 430 एक्यूआई दर्ज किया गया। मुंडका और नरेला में 422, बवाना में 420, विवेक विहार में 426 और नॉर्थ कैंपस में 404 एक्यूआई रहा।
सबसे चौंकाने वाला बदलाव डीटीयू में देखने को मिला। यहां एक्यूआई पिछले स्तर 315 से बढ़कर 442 पहुंच गया। महज एक रात और दिन के भीतर 127 अंकों की बढ़ोतरी ने हवा की बिगड़ती स्थिति को उजागर कर दिया। इसी तरह शादीपुर में भी एक्यूआई 228 से बढ़कर 345 हो गया। यानी जिन इलाकों में प्रदूषण पहले खराब स्तर पर था, वहां भी स्थिति तेजी से बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई।