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Delhi NCR News: बारिश से सुधरी दिल्ली की हवा, एक्यूआई 60 पर
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19 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता अच्छी, लेकिन जहरीली गैसों की मौजूदगी चिंता का विषय
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दमघोंटू प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली-एनसीआर की हवा को शुक्रवार को बारिश से बड़ी राहत मिली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम बदला। बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद की, जिससे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) घटकर 60 पर पहुंच गया। यह इस महीने का अब तक का सबसे कम स्तर है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शाम चार बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 56 निगरानी केंद्रों में से 51 के आंकड़े उपलब्ध थे। इनमें 19 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता अच्छी और 32 पर संतोषजनक श्रेणी में रही। किसी भी केंद्र पर एक्यूआई 100 से अधिक नहीं दर्ज किया गया। पूसा में सबसे अधिक एक्यूआई 98 रहा, जबकि आईएमडी लोधी रोड में यह 33 दर्ज किया गया।
एक्यूआई कम, फिर भी प्रदूषण का खतरा बरकरार
हवा की गुणवत्ता में सुधार के बावजूद प्रदूषकों की मौजूदगी चिंता बढ़ा रही है। शुक्रवार को ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर कार्बन मोनोऑक्साइड प्रमुख प्रदूषक रही। घोगा, बुराड़ी और मैदान गढ़ी जैसे इलाकों में भी यह प्रमुख प्रदूषक के रूप में दर्ज की गई। दूसरी ओर, कई केंद्रों पर पीएम-10 और पीएम-2.5 प्रमुख प्रदूषक रहे। एक्यूआई में गिरावट हवा की समग्र गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है, लेकिन इससे सभी प्रदूषकों का खतरा खत्म नहीं हो जाता। कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए कम एक्यूआई को हवा के पूरी तरह सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दमघोंटू प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली-एनसीआर की हवा को शुक्रवार को बारिश से बड़ी राहत मिली। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम बदला। बारिश और तेज हवाओं ने प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद की, जिससे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) घटकर 60 पर पहुंच गया। यह इस महीने का अब तक का सबसे कम स्तर है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शाम चार बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 56 निगरानी केंद्रों में से 51 के आंकड़े उपलब्ध थे। इनमें 19 केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता अच्छी और 32 पर संतोषजनक श्रेणी में रही। किसी भी केंद्र पर एक्यूआई 100 से अधिक नहीं दर्ज किया गया। पूसा में सबसे अधिक एक्यूआई 98 रहा, जबकि आईएमडी लोधी रोड में यह 33 दर्ज किया गया।
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एक्यूआई कम, फिर भी प्रदूषण का खतरा बरकरार
हवा की गुणवत्ता में सुधार के बावजूद प्रदूषकों की मौजूदगी चिंता बढ़ा रही है। शुक्रवार को ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर कार्बन मोनोऑक्साइड प्रमुख प्रदूषक रही। घोगा, बुराड़ी और मैदान गढ़ी जैसे इलाकों में भी यह प्रमुख प्रदूषक के रूप में दर्ज की गई। दूसरी ओर, कई केंद्रों पर पीएम-10 और पीएम-2.5 प्रमुख प्रदूषक रहे। एक्यूआई में गिरावट हवा की समग्र गुणवत्ता में सुधार का संकेत देती है, लेकिन इससे सभी प्रदूषकों का खतरा खत्म नहीं हो जाता। कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए कम एक्यूआई को हवा के पूरी तरह सुरक्षित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
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