Havoc Of Pollution : दिल्ली-एनसीआर में 100 गुना जहरीली हो गई है हवा, गुणवत्ता गंभीर, कुछ और उपाय आज से
सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली की हवा आज भी गंभीर स्थिति में हैं। मोती बाग का 488, पटपड़गंज का 471 और आरके पुरम का AQI 466 दर्ज किया गया है।
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बढ़ते प्रदूषण से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक से 100 गुना ज्यादा जहरीली हो गई है। गंभीर होते हालात से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण लागू कर दिया है। इसके तहत, सभी तरह के निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी गई है। प्रदूषणकारी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। सभी सरकारी, निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मियों के लिए घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली सरकार ने प्राइमरी स्कूल 10 नवंबर तक बंद कर दिए हैं। हालात सुधारने के उपायों पर विचार के लिए सोमवार को आपात बैठक बुलाई गई है। सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली की हवा आज भी गंभीर स्थिति में हैं। मोती बाग का 488, पटपड़गंज का 471 और आरके पुरम का AQI 466 दर्ज किया गया है।
Air quality across Delhi continues to be in the 'Severe' category as per the Central Pollution Control Board (CPCB).
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AQI in RK Puram at 466, in ITO at 402, in Patparganj at 471 and in New Moti Bagh at 488 pic.twitter.com/oBrbdeLqdp— ANI (@ANI) November 6, 2023
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 के पार चले जाने के बाद ग्रैप-4 के तहत 8 सूत्री कार्ययोजना लागू कर दी। शनिवार शाम चार बजे के एक्यूआई 415 की तुलना में रविवार शाम 3 बजे एक्यूआई 463 दर्ज किया गया, जो अत्यधिक गंभीर श्रेणी में आता है। रविवार को पार्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 2.5 की सांद्रता सरकार की ओर से तय 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से सात से आठ गुना ज्यादा हो गई है। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानक 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से 80 से 100 गुना अधिक है।
दिल्ली में आवश्यक वाहन ही कर पाएंगे प्रवेश
आयोग के आदेशाें के मुताबिक, इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 ट्रकों और आवश्यक वस्तुओं और जरूरी सेवाआें वाले वाहनों को छोड़कर दूसरे राज्यों के सभी तरह के वाहनों के दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा, मध्यम और भारी श्रेणी के सभी मालवाहक, जो आवश्यक सेवाओं में नहीं लगे हैं, उन पर भी रोक है।
स्कूलों को ऑनलाइन कक्षा का विकल्प
दिल्ली में पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को 10 नवंबर तक बंद रखने के आदेश की जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक्स पर कहा, 6-12वीं तक के स्कूलों के पास ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का विकल्प होगा।
एनसीआर के शहरों की स्थिति भी गंभीर
एनसीआर में आने वाले सभी प्रमुख शहर भीषण प्रदूषण की चपेट में हैं। सबसे बुरा हाल गाजियाबाद का है, जहां एक्यूआई 494 दर्ज किया गया। नोएडा का एक्यूआई 414, ग्रेटर नोएडा का 410 रहा। वहीं, फरीदाबाद का एक्यूआई 450 और गुरुग्राम का 441 दर्ज किया गया।
दिल्ली में प्रदूषण फैलाने पर 1003 चालान काटे
राजधानी में वायु प्रदूषण गंभीर श्रेणी में है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर दिल्ली पर्यावरण व वन विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 24 घंटे में नियमों का उल्लंघन करने पर 30 मामलों पर कार्रवाई की गई जबकि तीन नवंबर तक 228 और 1 अक्तूबर तक कुल 1003 चालान काटे गए हैं। बीते 24 घंटों में 5.23 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। तीन नवंबर तक 5.58 लाख और एक अक्तूबर तक कुल 1.19 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नोएडा में शैक्षणिक संस्थान नहीं होंगे बंद
लगातार बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय को परिसर में पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, अधिकारियों को शैक्षणिक संस्थानों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पानी का छिड़काव नहीं करने वाले शैक्षणिक संस्थानों पर कार्रवाई होगी। वहीं कई स्कूलों की ओर से सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने की बात कही गई है।
लगातार बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर अभिभावक स्कूल बंद करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जिला प्रशासन से स्कूलों की छुट्टी करने की मांग की है। लेकिन जिला प्रशासन ने कहा है कि स्कूल बंद करना समाधान नहीं है। मामले में जिलाधिकारी ने सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों के रजिस्ट्रार व एचओडी और स्कूलों के प्रिंसिपल को परिसर के अंदर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आसपास के क्षेत्र को भी प्रदूषण मुक्त रखना सुनिश्चित करने का कहा है। इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। ब्यूरो
24 घंटे में 5054 वाहनों के चालान
दिल्ली में मौजूदा समय में ग्रैप के नियम लागू हैं। ऐसे में बिना पीयूसी के वाहन चलाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। 24 घंटे में 5054 वाहनों पर जुर्माना लगाया है। तीन नवंबर तक 5,779 वाहनों पर जुर्माना किया गया है। इसी तरह एक अक्तूबर तक 1,95,118 वाहनों का चालान किया जा चुका