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एम्स का आदेश: अस्पताल में भर्ती होने और सर्जरी से पहले कोविड-19 परीक्षण की जरूरत नहीं
Wed, 09 Feb 2022 04:29 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 09 Feb 2022 04:29 PM IST
सार
इस आदेश के बाद अब बिना लक्षण वाले मरीजों को भर्ती होने के लिए जांच कराने की जरूरत नहीं होगी।
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corona test
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट देखने को मिल रही है। इसी को लेकर दिल्ली एम्स(भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) में अब भर्ती होने वाले मरीजों और सर्जरी करवाने से पहले मरीजों के नियमित कोरोना टेस्ट पर रोक लगा दी गई है।
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अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडट डॉक्टर डीके शर्मा ने एक बयान जारी कर इसकी घोषणा की। शर्मा ने कहा कि आईसीएमऑआई के दिशा-निर्देश के अनुसार यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब एम्स में एडमिट होने वाले मरीजों और सर्जरी करवाने के लिए आने वाले मरीजों का रूटीन कोविड टेस्ट नहीं होगा।
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एम्स ओपीडी के आगे भी सीमित रहने के आसार
वहीं, दिल्ली एम्स की ओपीडी को आगामी दिनों में भी सीमित संख्या के साथ रखा जा सकता है। एम्स प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार कोरोना को देखते हुए सभी विभागों से यह जानकारी मांगी गई है कि एक दिन में वे कितने नए और कितने पुराने मरीजों को चिकित्सीय सलाह दे सकते हैं।
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विभागवार जानकारी एकत्रित होने के बाद प्रबंधन की बैठक होगी और उसके आधार पर आगे तय होगा कि एम्स ओपीडी में सीमित संख्या के साथ चिकित्सीय परामर्श जारी रहेगा।
बता दें, कोरोना की तीसरी लहर के बाद सात जनवरी से एम्स में गैर कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक थी। साथ ही ऑपरेशन भी टालने पड़े थे। बीते सप्ताह एम्स प्रबंधन ने इन निर्देशों में बदलाव करते हुए भर्ती से रोक हटा ली, लेकिन इस दौरान ओपीडी के संचालन पर लगी शर्तों को फिलहाल वापस नहीं लिया है।