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एम्स : 11 और स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित, रोकथाम समिति की बैठक में उठा मुद्दा
Fri, 29 May 2020 08:28 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 29 May 2020 08:28 PM IST
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दिल्ली एम्स
- फोटो : file photo
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दिल्ली एम्स में शुक्रवार को 11 और स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। 11 में से दो रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इसी के साथ ही एम्स में कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारियों और उनके परिजनों की संख्या बढ़कर 206 हो चुकी है। बीते चार दिन में 60 से ज्यादा डॉक्टर, नर्स व स्टाफ संक्रमित मिले चुके हैं।
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स्वास्थ्य कर्मचारी बेचैन
दिल्ली एम्स में स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना को लेकर काफी बेचैन हैं। पिछले एक सप्ताह में ही 80 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी और उनके परिजन संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इसे लेकर अस्पताल की संक्रमण रोकथाम समिति की बैठक में भी मुद्दा उठा है। बैठक में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लगातार संक्रमित होने को लेकर बचाव कार्य पर फोकस करने के लिए योजना बनाई गई है। बैठक में उन कर्मचारियों के बारे में बताया गया, जो लक्षण मिलने के बाद भी काम पर आ रहे हैं, इसलिए विचार हुआ कि सभी विभाग सतर्कता बरतते हुए कर्मचारियों को बचाव के प्रति जागरूक करें।
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दीपचंद बंधु और राजा हरिश्चंद्र अस्पताल भी बने कोविड विशेष
दिल्ली में कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने अपने दो और अस्पतालों को कोविड विशेष बनाने का फैसला लिया है। शुक्रवार को स्वास्थ्य सचिव ने दीपचंद बंधु अस्पताल और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार का फैसला लिया है।
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दोनों ही अस्पतालों में 200-200 बेड की क्षमता है। 2 जून से इन अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार हो सकेगा, तब तक के लिए अस्पताल प्रबंधन को तैयारियां पूरी करने का वक्त दिया है। फिलहाल इन अस्पतालों में भर्ती मरीजों को नजदीकी अन्य अस्पताल में रेफर करने के आदेश मिले हैं। अगर नजदीकी अस्पतालों में किसी मरीज की जरूरत के अनुसार विशेषज्ञता नहीं है तो उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है। इसका खर्च दिल्ली आरोग्य कोष के जरिए वहन किया जाएगा। इसी के साथ ही राजधानी में कोरोना वायरस के उपचार को लेकर दिल्ली सरकार के अस्पतालों की संख्या दो से बढ़कर चार हो जाएगी।