PM मोदी तक पहुंचा एम्स सीवीओ विवाद मामला
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दिल्ली एम्स के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) रहे संजीव चतुर्वेदी का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच गया है। राज्य सभा सदस्य अली अनवर अंसारी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन को हटाने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में अली अनवर अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह याद रखना चाहिए कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आम लोगों की भावनाओं की वजह से सत्ता में आई है।
जदयू से राज्य सभा सांसद ने पत्र में लिखा है कि स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि संजीव चतुर्वेदी को सीवीओ बनाने के लिए सीवीसी से मंजूरी नहीं मिली है, जबकि यूपीए शासनकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय ने आदेश जारी किया था कि संजीव चतुर्वेदी को सीवीओ पद से इधर-उधर करने से पहले कैबिनेट सेक्रेटरी खुद मामले की जांच करेंगे और कार्यालय को सूचित करेंगे। लेकिन इस मामले में न तो पीएमओ को जानकारी दी गई और न ही कैबिनेट सेक्रेटरी ने जांच-पड़ताल की।
राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी ने लिखा पत्र
पत्र में स्वास्थ्य मंत्री के बयान का भी उल्लेख है, जिसमें कहा गया है कि पहले तो स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीवीसी ने संजीव चतुर्वेदी का नाम खारिज कर दिया था, जबकि दूसरे बयान में कहा कि उनके नाम का सीवीसी ने विरोध किया था।
दो बयान का मतलब है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पास इस संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं है कि संजीव चतुर्वेदी के नाम को खारिज किया गया और विरोध हुआ।
सोमवार को ही आम आदमी पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके बर्खास्तगी मांग की। आप ने आरोप लगाया कि भाजपा एक भ्रटाचार से लोहा लेने वाले अफसर को अपने निजी फायदों के लिए हटा रही है।