फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   AI-based road safety audits to be conducted to curb road accidents

Delhi NCR News: सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए एआई से होगा रोड सेफ्टी ऑडिट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2026 05:40 PM IST
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी के नॉर्थ और दक्षिण जोन में 7.85 करोड़ रुपये से होगा ट्रैफिक सिमुलेशन और रोड सेफ्टी ऑडिट, 24 महीने में पूरा होगा अध्ययन
विज्ञापन

संदीप वर्मा
नई दिल्ली। राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव, जाम और सड़क हादसों की आशंका कम करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) यातायात व्यवस्था का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कराएगा। इसके लिए विभाग के नॉर्थ और दक्षिण जोन में एआई आधारित ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल तैयार करने और रोड सेफ्टी ऑडिट कराने की योजना है। दोनों परियोजनाओं पर कुल 7.85 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परामर्श सेवाओं के लिए 24 महीने की अवधि निर्धारित की गई है। अध्ययन के जरिए सड़कों पर वाहनों की आवाजाही, यातायात दबाव और सुरक्षा संबंधी खामियों का तकनीकी आकलन किया जाएगा।
राजधानी में वाहनों की बढ़ती संख्या यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बन रही है। दिल्ली में करीब 59.28 लाख दोपहिया वाहन, 21.26 लाख कारें और 94,931 ऑटो व थ्री-व्हीलर समेत कुल 87.61 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन दिल्ली आते हैं। इससे प्रमुख सड़कों, चौराहों और फ्लाईओवरों पर यातायात का दबाव बढ़ता है। ऐसे में यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा संबंधी कमियों की पहचान करने के लिए यह अध्ययन कराया जाएगा।
विज्ञापन

नॉर्थ जोन के लिए 4.35 करोड़ का टेंडर
पीडब्ल्यूडी ने नॉर्थ जोन में ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल तैयार करने और रोड सेफ्टी ऑडिट के लिए 4.35 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निविदा जारी की है। इसके तहत प्री-बिड बैठक चार नवंबर 2026 को दोपहर दो बजे होगी। तकनीकी बोली 12 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे खोली जाएगी। वित्तीय बोली खोलने की तारीख तकनीकी मूल्यांकन के बाद घोषित की जाएगी। वहीं, दक्षिण क्षेत्र में डिवीजन साउथ ईस्ट रोड-2 के तहत इसी तरह के अध्ययन के लिए 3.50 करोड़ रुपये का टेंडर आमंत्रित किया गया है। दोनों परियोजनाओं के तहत परामर्श सेवाएं 24 महीने में पूरी की जानी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यातायात दबाव और सड़क क्षमता का होगा आकलन
एआई आधारित ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल से वाहनों की आवाजाही, यातायात प्रवाह, सड़कों पर लगने वाली कतारों और सड़क की क्षमता का विश्लेषण किया जाएगा। मॉडल की मदद से भविष्य में वाहनों की संख्या और यातायात दबाव में संभावित बदलावों का आकलन भी किया जा सकेगा। इससे चौराहों, फ्लाईओवरों और एलिवेटेड सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव के संभावित प्रभावों को समझने में मदद मिलेगी। विभिन्न विकल्पों की तुलना कर सुधार के लिए सुझाव तैयार किए जा सकेंगे।

सड़क सुरक्षा की खामियों की होगी पहचान
रोड सेफ्टी ऑडिट के तहत सड़कों की बनावट, चौराहों, यातायात संकेतकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही से जुड़े जोखिमों का आकलन किया जाएगा। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाने वाली खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के उपायों को प्राथमिकता दी जा सकेगी। हालांकि, इन अध्ययनों से जाम और सड़क हादसों में कितनी कमी आएगी, इसका कोई निश्चित लक्ष्य निर्धारित नहीं किया गया है। यातायात व्यवस्था में वास्तविक सुधार अध्ययन की सिफारिशों पर अमल और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed