विशेष समिति करेगी उपराज्यपाल नजीब जंग के खिलाफ जांच
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दिल्ली विधानसभा में उपराज्यपाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने और जांच के लिए कमेटी गठित किए जाने की खबर के बाद उपराज्यपाल कार्यालय ने इस मामले में प्रतिक्रिया जारी की है।
इसमें उपराज्यपाल ने बहादुर शाह जफर के एक शेर से अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा ‘उम्र-ए-दराज मांग कर लाए थे चार दिन, दो आरजू में कट गए, दो इख़्तेलाफ़ में’। इसमें मतभेद के कारण समय खराब करने का जिक्र है।
उपराज्यपाल कार्यालय ने कहा है कि बुराड़ी के विधायक की शिकायत से संबंधित मामले में केस नंबर 27/2016, में दिल्ली स्पेशिफाइड आर्टिकल्स (रेगुलेशन ऑफ डिस्ट्रीब्यूशन) आदेश, 1981 के क्लॉज 6(8) के तहत एक अपील केस था, उसमें उपराज्यपाल ने अपीलीय प्राधिकारी के तौर पर लाइसेंस रद्द करने के आदेश को निरस्त किया है।
फैसले से प्रभावित पक्ष न्यायालय में कर सकता है अपील
यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित है जो कि दोनों पक्षों की तरफ से प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर है, निर्णय से प्रभावित पक्ष आदेश के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में अपील कर सकता है।
उपराज्यपाल कार्यालय के अनुसार, बुराड़ी में उचित दर की दुकान संख्या 8689, विधवा रजनी को आवंटित की गई थी। उपराज्यपाल न्यायालय में सुनवाई के दौरान बताया गया कि 24 अप्रैल, 2015 को बुराड़ी के विधायक ने समर्थकों के साथ मिलकर उचित दर की दुकान की कार्यप्रणाली को बाधित किया और वहां रखे अनाज को जबरन लोगों में बांट दिया।
इसमें अपीलीय अधिकारी के तौर पर उपराज्यपाल ने दुकान मालिक पीड़ित विधवा की अपील पर खाद्य आपूर्ति विभाग समेत सभी पक्षों को सुनने के बाद ही आदेश जारी किया, जिसमें लाइसेंस बहाली के आदेश के अलावा न्यायिक प्रक्रिया के तहत पुलिस आयुक्त को जांच के आपराधिक गतिविधि पाए जाने पर मामले की छानबीन का आदेश भी दिया।
उपराज्यपाल ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, दिल्ली सरकार की खराब कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की और मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि वह इस मामले की तहकीकात करें।