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डू नॉट डिस्टर्ब के बावजूद कॉल पर हाईकोर्ट गंभीर, दूरसंचार विभाग से मांगा जवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 02 May 2017 09:00 PM IST
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- फोटो : google
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डू नॉट डिस्टर्ब सेवा के तहत पंजीकृत होने के बावजूद प्रोशनल कॉल व एसएमएस के जरिए आम लोगों को परेशान करने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने दूरसंचार विभाग (डीओटी), दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और आइडिया सेल्युलर लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेव ने यह नोटिस एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर जारी किया है। याची ने आरोप लगाया कि उन्होंने मोबाइल कंपनी के खिलाफ शिकायत की लेकिन उन्होंने कार्रवाई करने की अपेक्षा गेंद एक दूसरे के पाले में डाल दी।
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याची अंशुल गुप्ता ने कहा कि उन्होंने दूरसंचार विभाग, ट्राई, मोबाइल ऑपरेटर और अन्य वरिष्ठ सरकारी अफसरों को कई मेल लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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याची ने कहा वह डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी)के तहत पंजीकृत है बावजूद इसके उन्हें लगातार प्रमोशन कॉल व संदेश मिलते हैं।
उन्होंने संबंधित मोबाईल कंपनी आइडिया को शिकायत की लेकिन कार्रवाई करने की अपेक्षा वे फोन बंद कर देते है। याची ने कहा कंपन का कहना है कि जो कॉल रिकार्ड उपलब्ध करवाया गया है वह मेल नहीं खा रहा।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि दूरसंचार विभाग ने उन्हें ट्राई से संपर्क करने के लिए कहा और बताया कि यह मुद्दा नियामक का है। उन्हों ट्राई से संपर्क किया तो उसने कहा कि यह इस मामले में कुछ भी नहीं कर सकते।
याची ने आरोप लगाया कि उनके केवाईसी सूचना के साथ भी समझौता किया गया है और उनकी जानकारी के बिना सूचना अन्य को उपलब्ध करवाई गई है। अदालत ने मामले की सुनवाई 27 जुलाई तय की है।