सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दिल्ली में 30 हजार डीजल टैक्सियां होंगी प्रभावित
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डीजल से चलने वाली टैक्सी अब एनसीआर में ही एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट पर सेवाएं नहीं दे पाएगी। यही नहीं अगर एनसीआर के किसी शहर यानी गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद, नोएडा के रजिस्टर्ड डीजल टैक्सी वहां से किसी यात्री को लेकर दिल्ली आती है तो उसपर कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे एनसीआर में डीजल टैक्सी पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोर्ट के आदेश पर दिल्ली सरकार ने भी ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है।
दिल्ली में पहले से ही सिर्फ सीएनजी चालित टैक्सियों से ही सफर करने की मंजूरी है। डीजल टैक्सी से दिल्ली में प्वाइंट टू प्वाइंट सफर नहीं कर सकते हैं। इसके बावजूद मोबाइल ऐप बेस्ड टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियां ऐसा कर रहीं थीं।
कोर्ट के आदेश पर वह दिल्ली तो नहीं पर एनसीआर के शहरों में उनकी सेवाएं जारी थी। जिसे देखते हुए अब कोर्ट ने एनसीआर में भी इसपर प्रतिबंध लगा दिया है।
डीजल चालित कैब पर भी पाबंदी
कोर्ट के इस फैसले से दिल्ली में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की करीब 30 हजार डीजल चालित टैक्सी पर असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा असर कॉलेज सेंटर में चलने वाली हरियाणा, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद की रजिस्टर्ड गाड़ियों पर पड़ेगा जो कि कॉल सेंटर में चलती हैं। इसके अलावा रेंट ए कॉर स्कीम के तहत होटल में चलने वाले डीजल वाहनों पर भी इसका असर दिखेगा।
दिल्ली से एनसीआर के शहरों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कॉल सेंटर में जॉब करने डीजल चालित कैब से नोएडा, गुड़गांव जाते हैं। कोर्ट के आदेश के अब उन कैब पर पाबंदी लग जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के वाहन अगर दूसरे राज्य से आ रही है तो उन्हें ही छूट मिलेगी जो एनसीआर में आने वाले शहर से बाहर हों।