जजों का फोन टेप होने के केजरीवाल के आरोप के बाद, कुछ ऐसा बोले पीएम मोदी कि मुस्कुरा पड़े लोग
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दिल्ली हाई कोर्ट के स्वर्ण जयंती समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी ने गंभीर माहौल को अपनी चुटीली टिप्पणी से हल्का-फुल्का बना दिया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से जजों के फोन टेप किए जाने के दावे किए जाने के बाद मंच पर आए पीएम ने कहा कि मंच पर बैठे लोगों की गंभीरता तो समझी जा सकती है लेकिन दूसरे लोग तो मुस्कुरा सकते हैं।
केजरीवाल के दावे को तवज्जो ने देते हुए पीएम ने कहा, मुझे कभी अदालत जाने का सौभाग्य तो नहीं मिला है, लेकिन मुझे बताया गया है कि वहां माहौल बेहद गंभीर होता है। यहां भी अदालत के इस माहौल का असर दिख रहा है।
अरे भाई, यह दिल्ली हाई कोर्ट का स्वर्ण जयंती समारोह है। इस मौके पर तो आप थोड़ा मुस्कुरा सकते ही हैं। मंच पर बैठे लोगों की गंभीरता को समझ में आती हैं। वे गंभीर है ताकि कोई गलत धारणा न पैदा हो लेकिन दर्शकों को मुस्कुराने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पीएम की इस टिप्पणी के बाद कई दर्शक हंस पड़े।
केजरीवाल ने लगाया था ये आरोप
जजों के फोन टेप हो रहे हैं, यह कहकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। उन्होंने यह बात दिल्ली हाईकोर्ट स्वर्ण जयंती कार्यक्रम के दौरान विज्ञान भवन में कही।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत के मुख्य न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में केजरीवाल के उठाए सवालों पर तो कुछ नहीं बोला लेकिन केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर ने इस पर यह दावा किया कि जजों के फोन टेप नहीं हो रहे हैं।
हाईकोर्ट के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में उस समय सन्नाटा पसर गया जब मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान दो जजों को बात करते हुए सुना कि फोन पर बात मत करना फोन टेप किए जा रहे हैं। मैंने उनसे कहा ऐसा नहीं हो सकता।
मुझे नहीं पता यह सही है या गलत लेकिन अगर यह सच है तो यह खतरनाक है। केजरीवाल ने जजों की नियुक्ति में सिफारिशों की ओर भी इशारा किया। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस पर कहा कि वे दो वर्षों से मंत्री हैं।
रविशंकर प्रसाद ने किया आरोपों का खंडन
वह यह दावे के साथ कह सकते हैं कि ऐसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। न्यायपालिका की स्वतंत्रता सर्वप्रथम है और इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
केजरीवाल ने कहा कि हमारे देश का संविधान बेहद खूबसूरत है और जनता ने जनतंत्र बनाया है। जनतंत्र में जनता के अधिकार किसी एक व्यक्ति को दे देना, उसके अधिकारों का हनन है।
उन्होंनेे कहा कि जजों की नियुक्ति में देरी से सरकार व न्यायपालिका के बीच टकराव की अफवाहों को बल मिलेगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम से सिफारिश के बाद भी हाईकोर्ट में जजों की नियुक्तियां लटक रही है।
ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि कोलेजियम की सिफारिश के 48 घंटे के भीतर जजों की नियुक्ति हो। केजरीवाल ने अपने वादे को फिर दोहराया कि इसके लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
कार्यक्रम में हाईकोर्ट की मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी, जस्टिस बीडी अहमद, उपराज्यपाल नजीब जंग, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, हाईकोर्ट व जिला अदालतों के कई जज और वरिष्ठ वकील मौजूद थे।