आरुषि हत्याकांड : 4 साल तक डासना जेल में तलवार दंपति ने ऐसे गुजारे दिन और रात
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‘जिस न्याय की उम्मीद थी वह मिल ही गया, आखिरकार तपस्या का परिणाम सामने आ गया।’ जेल प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट के निर्णय की जानकारी देने पहुंचे जेलकर्मी से आरुषि के पिता राजेश तलवार बस दो वाक्य ही कह सके।
इसके बाद उनकी आंख से झर-झर आंसू बहने लगे। निर्णय की जानकारी नूपुर को मिली तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। हालांकि इसके बाद उन्होंने बैरक में साथी कैदियों से बात तक नहीं की।
25 नवंबर 2013 को सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद से आरुषि के पिता डॉ. राजेश तलवार और मां नूपुर तलवार को डासना जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से राजेश बैरक नंबर-1 और नूपुर बैरक नंबर 14 में रह रही हैं। अस्थमा की बीमारी और हाईकोर्ट के फैसले की चिंता में डूबे राजेश पिछले कुछ दिनों से अस्पताल परिसर में ही रह रहे थे।
राजेश करते थे मरीजों का इलाज, नूपुर बच्चों और महिलाओं को पढ़ाती थीं
बृहस्पतिवार सुबह राजेश और नूपुर दोनों ने योग और एक्सरसाइज की। नाश्ते के बाद राजेश साईं जाप में लग गए। नूपुर ने नाश्ता नहीं किया और गुरबानी पढ़ती रहीं।
इमरजेंसी आने के चलते राजेश एक मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने तीन-चार और मरीजों को देखा। रोज की तरह नूपुर के पास महिलाएं और बच्चे पढ़ने पहुंचे तो उन्हें काम देकर वह गुरबानी पढ़ती रहीं।
हालांकि दोनों का ध्यान टीवी पर ही था। करीब पौने तीन बजे हाईकोर्ट का निर्णय आया तो उनकी आंख से आंसू बहने लगे। इसकी जानकारी देने जेल प्रशासन ने जेलकर्मी को राजेश के पास भेजा। बरी होने की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद उन्होंने निर्णय पर संतोष जताया और कहा कि आखिरकार उन्हें न्याय मिल ही गया।
घर बेचने तक की सोच चुके थे राजेश तलवार
जेल सूत्रों की मानें तो हाईकोर्ट के निर्णय को लेकर राजेश तलवार कई दिन से परेशान थे। अस्थमा की बीमारी और ब्लड प्रेशर हाई होने के चलते वह अस्पताल परिसर में ही रह रहे थे। उन्होंने जेल के कई कर्मचारियों को अपनी चिंता जाहिर की थी।
सूत्रों की मानें तो राजेश का कहना था कि अगर हाईकोर्ट उनकी सजा बरकरार रखता है तो सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ने के लिए उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार पहले सीबीआई और बाद में हाईकोर्ट में अपील के दौरान काफी खर्च होने के चलते राजेश की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो चुकी हैं।