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वायु प्रदूषणः घर में अगरबत्ती जलाने से भी करें परहेज, दिल्लीवालों के लिए एडवायजरी जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:07 AM IST
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अगरबत्ती
- फोटो : फाइल फोटो
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घर के अंदर पूजा करते समय आप अगरबत्ती जलाते हैं तो फिलहाल इसे रोक देने की जरूरत है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर पहुंचते ही दिल्लीवासियों को सलाह दी गई है कि घरों के अंदर अगरबत्ती न जलाएं, वहीं जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
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सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने इस सीजन में पहली बार दिल्लीवालों को सलाह दी है कि वह प्रदूषण से बचने के लिए आम मॉस्क को ज्यादा भरोसेमंद न मानें। मार्निंग वॉक पर निकलने से बचें। ज्यादा देर तक खुले में न रहें। घर में खिड़कियां हैं तो उन्हें बंद रखें। एयरकंडीशन में ताजी हवा देने का विकल्प हो तभी इसका इस्तेमाल करें। घर के अंदर लकड़ी, कैंडल समेत अगरबत्ती तक जलाने से परहेज करें। बाहर निकलने पर एन-95 व पी-100 जैसे मॉस्क का ही इस्तेमाल करें क्योंकि आम मॉस्क ज्यादा भरोसेभंद नहीं है।
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सफर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका धूल के महीन कणों की हैं। वहीं, 31 अक्तूबर को पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों से टकरा सकता है। अधिकारियों की मानें तो दिल्ली-एनसीआर के वायुमंडल में पहले से ही नमी ज्यादा है। हिमालय से टकराने पर पश्चिमी विक्षोभ का पलटवार होगा। इससे हवा की नमी में इजाफा होगा और तापमान में भी गिरावट आ सकती है। प्रतिकूल वायुमंडलीय दशाओं के बीच थोड़ी सहूलियत इसलिए दिख रही है कि वायुमंडल की ऊपरी सतह पर हवा की रफ्तार सामान्य है और आगजनी के मामले भी कम हैं। हालांकि, सफर का मानना है कि दिल्ली की आबोहवा सिर्फ सतह पर हवा की रफ्तार और तापमान बढ़ने के बाद ही सामान्य हो सकती है।
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पीएम 2.5 व पीएम 10 ने बदतर किए हालात
सफर के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के ज्यादातर मॉनटरिंग स्टेशन पर पीएम2.5 व पीएम 10 का स्तर 400 से ऊपर रहा। पीएम 2.5 का मानक 60 व पीएम10 का 100 रहता है। जबकि इनका स्तर 251-350 व 430-550 के बीच रहने पर खतरनाक माना जाता है। मंगलवार को धीरपुर में पीएम 2.5 व पीएम10 का स्तर 433 व 449 रहा। वहीं, पीतमपुरा में 435 व 403, दिल्ली विश्वविद्यालय का 437 व 335, चांदनी चौक का 413 व 410, मथुरा रोड का 453 व 425, आनंद विहार का 256 व 692 था। दूसरी तरफ पूरी दिल्ली में पीएम 2.5 व पीएम10 का औसत 240 व 442 रहा। सफर का अंदेशा है कि आने वाले दो दिनों में पीएम का स्तर खतरनाक रहेगा। बुधवार व बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 व पीएम10 क्रमश: 253 व 498 और 267 व 502 तक पहुंचेगा। इसकी वजह पश्चिम विक्षोभ का हिमालय रेंज से टकराना बताया जा रहा है।