अगर एडमिशन चाहिए तो पहले लिखना होगा निबंध
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पिछले दिनों गाय पर शिक्षक द्वारा निबंध नहीं लिख पाने के कारण जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट का मामला सुर्खियों में रहा। अदालत ने तल्ख टिप्पणी में कहा था कि एक अध्यापक के ज्ञान से समझा जा सकता है कि विद्यार्थियों का भविष्य कैसा होगा ?
ऐसे मामलों के चलते ही आईपी यूनिवर्सिटी ने एमए इंग्लिश में दाखिले के लिए निबंध लेखन अनिवार्य कर दिया है। यदि कोई संयुक्त प्रवेश परीक्षा के स्टेज-2 में निबंध लेखन की परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो फिर उसे दाखिला सीट नहीं मिलेगी।
आईपी के शैक्षणिक सत्र 2015-16 के तहत एमए इंग्लिश प्रोग्राम में दाखिले के लिए 31 मई को आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा में निबंध लेखन अनिवार्य कर दिया है।
ये रहेगी एडमिशन प्रक्रिया
इसमें ऑन द स्पाट विषय दिया जाएगा। यदि कोई छात्र निबंध प्रतियोगिता की परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो फिर उसकी सीट रद्द कर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यदि कोई छात्र पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम में निबंध नहीं लिख सकता है तो फिर आगे जाकर बीएड या उच्च शिक्षित होकर स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का कोई फायदा नहीं है। क्योंकि निबंध लिखना पहली प्राथमिकता है और हर छात्र को इस परीक्षा में पास होना अनिवार्य है।
बता दें कि अभी तक विश्वविद्यालय में सीईटी ही होता था, जिसमें प्रोग्राम व सामान्य जनरल नॉलेज के तहत प्रश्न पूछे जाते थे। हालांकि सीईटी में स्टेज 2 में निबंध लेखन की अनिवार्य परीक्षा पहली बार आयोजित की जा रही है।