{"_id":"6adf5d81bc64f574070d5b5a","slug":"acquitted-of-the-charge-of-reckless-driving-but-found-guilty-of-driving-without-a-license-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-2478-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप से बरी, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने में दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप से बरी, बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने में दोषी करार
विज्ञापन
-15 साल पुराने मामले में बच्चे को कार से टक्कर लगने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में 15 साल पहले हुए सड़क हादसे के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपी महेश को लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप से बरी कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उसे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने का दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सैनी की अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष महेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 338 के तहत आरोप साबित करने में असफल रहा। इसलिए उसे इन आरोपों से बरी कर दिया गया। हालांकि, अदालत ने पाया कि हादसे के समय महेश के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इस आधार पर उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत दोषी करार दिया गया।
इस मामले में दूसरे आरोपी राम स्नेही ने बिना वैध लाइसेंस वाले चालक को गाड़ी देने से जुड़े आरोप में पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने 21 फरवरी 2014 को उसे दोषी ठहराया था। अभियोजन के अनुसार, 26 मई 2011 को शाम करीब 4:45 बजे पश्चिम ज्योति नगर के डी-ब्लॉक स्थित रामलीला पार्क के सामने महेश इंडिका कार चला रहा था। आरोप था कि कार की टक्कर से राजा नाम का बच्चा घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में महेश के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में 15 साल पहले हुए सड़क हादसे के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपी महेश को लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप से बरी कर दिया है। हालांकि, अदालत ने उसे बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने का दोषी ठहराया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सैनी की अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष महेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 279 और 338 के तहत आरोप साबित करने में असफल रहा। इसलिए उसे इन आरोपों से बरी कर दिया गया। हालांकि, अदालत ने पाया कि हादसे के समय महेश के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इस आधार पर उसे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 3/181 के तहत दोषी करार दिया गया।
इस मामले में दूसरे आरोपी राम स्नेही ने बिना वैध लाइसेंस वाले चालक को गाड़ी देने से जुड़े आरोप में पहले ही अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। अदालत ने 21 फरवरी 2014 को उसे दोषी ठहराया था। अभियोजन के अनुसार, 26 मई 2011 को शाम करीब 4:45 बजे पश्चिम ज्योति नगर के डी-ब्लॉक स्थित रामलीला पार्क के सामने महेश इंडिका कार चला रहा था। आरोप था कि कार की टक्कर से राजा नाम का बच्चा घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में महेश के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में केस दर्ज किया था।
विज्ञापन