पुलिस रिमांड में आरोपी डॉक्टर ने खोले कई राज
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राजौरी गार्डन में महिला डॉक्टर पर तेजाब डलवाने वाला उसका दोस्त डॉ. अशोक यादव सनकी मिजाज का है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह हर हाल में पीड़िता के चेहरे को ही नुकसान पहुंचाना चाहता था।
अशोक का कहना था कि तेजाब डलने के बाद डॉक्टर बदसूरत हो जाएगी। इसके बाद उससे कोई शादी नहीं करेगा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अशोक को उम्मीद थी कि तब वह उससे शादी के लिए राजी हो जाएगी। आरोपी के खुलासे से पुलिस अधिकारी भी हैरत में हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तेजाब डालने की योजना बनाने के बाद सह आरोपी वैभव ने काम का अंजाम देने के लिए दो नाबालिग तैयार किए। बातचीत के दौरान आरोपी ने दोनों नाबालिगों से चेहरे पर ही तेजाब डालने के लिए कहा था।
सनकी मिजाज का है डॉक्टर
दोनों ही हमलावरों ने अशोक को सलाह दी थी कि डॉक्टर को टक्कर मारकर गिरा देते हैं। इससे उसे गंभीर चोट लगेगी और उसे सबक मिल जाएगा। लेकिन अशोक इसके लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस अधिकारी की मानें तो अशोक अब भी पीड़िता से बेहद प्यार करने की बात कर रहा है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक अशोक ने डीडीयू अस्पताल, तिहाड़ अस्पताल में काम करने के बाद ईएसआई अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ ही ज्वाइन किया था।
अशोक के पिता ओमप्रकाश अपने इकलौते बेटे को बकसूर बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस जबरन उसे फंसा रही है। ओमप्रकाश आईटीबीपी से कमांडेंट रिटायर हैं।
कॉल डिटेल से हो सकता है बड़ा खुलासा
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी डॉक्टर अशोक यादव व सह-आरोपी वैभव को तीस हजारी स्थित ड्यूटी एमएम हरविंदर सिंह के समक्ष पेश किया। पुलिस ने अशोक यादव का एक दिन का रिमांड देने व वैभव को न्यायिक हिरासत में भेजने का आग्रह किया।
अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा था कि आरोपी की कॉल डिटेल निकलवाई या नहीं। जांच अधिकारी मनोहर लाल से कोर्ट को बताया कि आरोपी की कॉल डिटेल निकलवानी है।
पुलिस को पीड़िता के आईफोन और डायरी की तलाश
पुलिस ने अपने आवेदन में कहा कि आरोपी से पीड़िता का आईफोन व फोन डायरी बरामद करना है। यह सामान आरोपी ने नाबालिग हमलावरों से प्राप्त कर लिया था। आरोपी ने अपनी तहरीर में यह सामान बरामद करवाने की बात कबूली है।
अदालत में सुनवाई के दौरान अशोक यादव के लिए उनके परिजनों ने वकील पेश किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि पुलिस को उनके मुवक्किल का रिमांड नहीं दिया जाना चाहिए।
उनका मुवक्किल 23 दिसंबर से पुलिस की हिरासत में है, लेकिन पुलिस ने 25 दिसंबर को उसकी गिरफ्तारी दिखाई है। परिजनों को अशोक की गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं दी गई।