बीजेपी में इंडिया शाइनिंग से भी ज्यादा हिट हुआ ये जुमला
भाजपा कार्यकर्ता आमतौर पर अभिवादन के लिए नमस्कार कहते हैं। आरएसएस में भी नमस्कार शब्द का ही जबरदस्त प्रचलन है। लेकिन इन दिनों यह अभिवादन बदला-बदला दिखाई पड़ रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता एक-दूसरे से मिल रहे हैं तो अभिवादन की जगह अच्छे दिन आने वाले हैं का जुमला बोलकर गले मिलते दिखाई दे रहे हैं।
लोकसभा चुनाव 2004 में भाजपा का इंडिया शाइनिंग का नारा जबरदस्त हिट हुआ था। हालांकि परिणाम इसके अनुरूप नहीं रहा। इस लोकसभा चुनाव में अच्छे दिन आने वाले हैं का जुमला छाया रहा। यह नारा इस कदर जुबान पर चढ़ गया है कि अभिवादन का रूप ले लिया है।
नमो-नमो के बाद हिट हुआ ये जुमला
बृहस्पतिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में जितने भी कार्यकर्ता पहुंचे एक-दूसरे को नमस्कार कह कर अभिवादन कम और गले लगकर अच्छे दिन आने वाले हैं बोल रहे थे। इस पर प्रतिक्रिया भी खूब मिलती दिखी।
जवाब में कार्यकर्ता यह कहने से भी गुरेज नहीं कर रहे थे कि अजी.. अच्छे दिन आने वाले नहीं मोदी जी का प्रधानमंत्री बनना तय है और अच्छे दिन आ गए हैं।
मिठाइयां बांटते वक्त कार्यकर्ता यही कह रहे हैं कि अच्छे दिन आ गए हैं, मुंह मीठा करो। पिछले दिनों नमो नमो भी भाजपा कार्यकर्ताओं का जुमला बन गया था।
'जनता ने माना अच्छे दिन आ गए'
इस जुमले पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्षवर्धन का कहना है कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब चुनाव परिणाम आने से पहले ही देश ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को प्रधानमंत्री मान लिया है।
लिहाजा जनता भी मान रही है कि अच्छे दिन आ गए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर 10 साल के कुशासन, भ्रष्टाचार और महंगाई से देश की जनता को छुटकारा मिलेगा और अच्छा दिन आएगा।