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करोड़ों की विवादित प्रॉपर्टी बेचनेवाला गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Feb 2015 08:03 PM IST
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आर्थिक अपराध शाखा ने विवादित प्रॉपर्टी को एक कंपनी को बेचकर करोड़ों का चूना लगाने वाले को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रॉपर्टी को लेकर अदालत में चल रहे मामले से कंपनी को अवगत नहीं कराया और फर्जी कागजात तैयार कर कंपनी को यह बताने की कोशिश की कि इस प्रॉपर्टी पर कोई विवाद नहीं है। आरोपी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर इस प्रॉपर्टी को बेचकर कंपनी को 3.50 करोड़ का चूना लगाया। पुलिस आरोपी के परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
शाखा उपायुक्त मंगेश कश्यप ने बताया कि आयशर गुड अर्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि जे एस लांबा ने वर्ष 2012 में शाखा में एक धोखाधड़ी की शिकायत की। शिकायत में उन्होंने बताया कि उसकी कंपनी ने महरौली गांव में जैनब फैशन प्राइवेट लिमिटेड से तीन प्रॉपर्टी खरीदी। लेकिन बाद में पता चला कि प्रॉपर्टी के मालिक के परिवार में इस प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है और मामला अदालत में लंबित है। कंपनी ने आरोप लगाया कि उन्हें कम जमीन बेचकर उनसे 3.50 करोड़ की रकम ऐंठ ली गई है।
शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी के मालिक जावेद आलम के दो भतीजों असद खान और फैजल रहमान ने अदालत में अपने मालिकाना हक के लिए सिविल सूट डाल रखा है। दूसरी पार्टी जावेद आलम की पत्नी जरीना आलम और भाई शाने आलम हैं। चारों प्रॉपर्टी के संयुक्त धारक हैं। ऐसे में परिवार वालों ने कंपनी से ठगी करने के लिए फर्जी जनरल पावर एटर्नी बनाई।
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प्रॉपर्टी बेचने के समय आरोपियों ने एक परिवार के तरफ से ज्ञापन सौंपा जिसमें यह दिखाया गया कि जावेद आलम के दोनों भतीजे इससे सहमत हैं। पुलिस ने इन कागजातों की एफएसएल में जांच करवाई। रिपोर्ट में साफ हो गया कि कागजात फर्जी हैं और परिवार के सभी सदस्यों ने कंपनी से फर्जीवाड़ा करने के लिए इन कागजात को तैयार करवाया। मामला दर्ज होेने के बाद से आरोपी के परिवार के सभी सदस्य फरार हो गए। गत 18 फरवरी को पुलिस को मुख्य आरोपी जावेद आलम के गोल मार्केट इलाके में होने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
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शाखा उपायुक्त मंगेश कश्यप ने बताया कि आयशर गुड अर्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि जे एस लांबा ने वर्ष 2012 में शाखा में एक धोखाधड़ी की शिकायत की। शिकायत में उन्होंने बताया कि उसकी कंपनी ने महरौली गांव में जैनब फैशन प्राइवेट लिमिटेड से तीन प्रॉपर्टी खरीदी। लेकिन बाद में पता चला कि प्रॉपर्टी के मालिक के परिवार में इस प्रॉपर्टी को लेकर विवाद है और मामला अदालत में लंबित है। कंपनी ने आरोप लगाया कि उन्हें कम जमीन बेचकर उनसे 3.50 करोड़ की रकम ऐंठ ली गई है।
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शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि प्रॉपर्टी के मालिक जावेद आलम के दो भतीजों असद खान और फैजल रहमान ने अदालत में अपने मालिकाना हक के लिए सिविल सूट डाल रखा है। दूसरी पार्टी जावेद आलम की पत्नी जरीना आलम और भाई शाने आलम हैं। चारों प्रॉपर्टी के संयुक्त धारक हैं। ऐसे में परिवार वालों ने कंपनी से ठगी करने के लिए फर्जी जनरल पावर एटर्नी बनाई।
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प्रॉपर्टी बेचने के समय आरोपियों ने एक परिवार के तरफ से ज्ञापन सौंपा जिसमें यह दिखाया गया कि जावेद आलम के दोनों भतीजे इससे सहमत हैं। पुलिस ने इन कागजातों की एफएसएल में जांच करवाई। रिपोर्ट में साफ हो गया कि कागजात फर्जी हैं और परिवार के सभी सदस्यों ने कंपनी से फर्जीवाड़ा करने के लिए इन कागजात को तैयार करवाया। मामला दर्ज होेने के बाद से आरोपी के परिवार के सभी सदस्य फरार हो गए। गत 18 फरवरी को पुलिस को मुख्य आरोपी जावेद आलम के गोल मार्केट इलाके में होने की जानकारी मिली। पुलिस की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।