एंबुलेंस की ऑल्टो से जबर्दस्त टक्कर, एक की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार दोपहर को एक एंबुलेंस और ऑल्टो कार की टक्कर हो गई। इसमें एक निजी कंपनी के जनरल मैनेजर की मौत गई। जबकि एंबुलेंस में सवार डॉक्टर और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल कैलाश अस्पताल के ही कर्मचारी हैं। घटना जीरो प्वाइंट से करीब 17 किलोमीटर पर हुई। कैलाश अस्पताल की एक एंबुलेंस रबूपुरा के बीरमपुर गांव में मरीजों के इलाज के लिए जा रही थी। गाड़ी में चालक सुरेश और डॉक्टर जमील थे।
जब उनकी एंबुलेंस यमुना एक्सप्रेसवे पर नोएडा यूनिवर्सिटी के पास पहुंची तो उसी समय एक ऑल्टो कार से टक्कर हो गई। पुलिस ने बताया कि ऑल्टो कार सवार मूलरूप से मुजफ्फर नगर निवासी हेमंत पाई सेक्टर के केसिया स्टेट स्थित पॉकेट ए में रहते थे। हेमंत ग्रेटर नोएडा की एक बिल्डर कंपनी में बतौर जनरल मैनेजर काम करते थे।
गलत दिशा को लेकर बढ़ा विवाद
घटना के बाद सभी घायलों को कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान हेमंत ने दम तोड़ दिया। जबकि डॉक्टर और एंबुलेंस चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा कैसे हुआ, इसके बारे में पुलिस ने बताया कि ऑल्टो या एंबुलेंस में से कोई एक वाहन गलत दिशा में चल रही थी।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में जीएम की मौत के बाद एंबुलेंस चालक और अन्य लोगों का आरोप है कि ऑल्टो कार चालक गलत दिशा में गाड़ी चला रहा था। जबकि मृतक हेमंत के मिलने वाले और परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस गलत दिशा में जा रही थी।
हेमंत तो किसी से मिलने के लिए मथुरा जा रहे थे तो वह गलत दिशा में कैसे जा सकते हैं। इसी तरह कैलाश अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनकी एंबुलेंस रबूपुरा के बीरमपुर गांव जा रही थी तो उनकी गाड़ी रांग साइड नहीं चल सकती है।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी कि दोनों गाड़ी आपस में कैसे भिड़ी। पुलिस जांच में जेपी ग्रुप के सीसीटीवी कैमरों की अहम भूमिका साबित होगी। मृतक ने शराब का सेवन किया था या नहीं इसका खुलासा पोस्टमार्टम से ही हो सकेगा।