डीयू: 3 साल के कोर्स पर मुहर, बीटेक छात्रों का प्रदर्शन
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पिछले एक साल से चल रहा एफवाईयूपी विवाद आज लगभग सुलझ गया है। डीयू में आज एकेडमिक काउंसिल की बैठक हुई जिसमें चार वर्ष के डिग्री प्रोग्राम (एफवाईयूपी) को वापस लेते हुए तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम के तहत दाखिला लेने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया।
अब जल्द ही डीयू में तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में छात्रों के दाखिले शुरू हो जाएंगे। डीयू ने सभी संबंद्ध कॉलेजों को अपने यहां तीन वर्षीय डिग्री प्रोग्राम में ही दाखिले लेने के निर्देश दिए हैं।
एफवाईयूपी को लेकर ये विवाद तब सुलझा था जब शुक्रवार को डीयू ने यूजीसी को पत्र लिखकर एफवाईयूपी को वापस लेने और तीन साल के डिग्री पाठ्यक्रम में ही छात्रों का एडमिशन लेने को मंजूर करने की बात बताई थी।
एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में फैसला
दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में तीन साल के डिग्री पाठ्यक्रम के प्रस्ताव के पास होने के बाद अब इसे एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में पेश गया।
प्रस्ताव पास हो जाने के बाद तीन साल के पाठ्यक्रम के तहत दाखिले के लिए कोई वैधानिक परेशानी नहीं होगी। इस मीटिंग के बाद उम्मीद है कि दाखिले से संबंधित सभी तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी और जल्द से जल्द सारी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
एकेडमिक काउंसिल की बैठक के बाद काउंसिल के सदस्य राजेश झा ने कहा कि हमने पहले ही वीसी को कहा था कि एकेडमिक काउंसिल कोई रबर स्टांप नहीं है, पर उन्होंने हमारी नहीं सुनी।
बीटेक छात्रों का FYUP रोलबैक के खिलाफ प्रदर्शन
एफवाईयूपी को वापस लिए जाने से जहां हजारों छात्र व शिक्षक खुश हैं वहीं इस कोर्स को वापस लिए जाने के विरोध में बीटेक छात्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि एफवाईयूपी को वापस न लिया जाए, इसके वापस लिए जाने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ेगा।
प्रदर्शन कर रहे बीटेक छात्रों की मांग है कि बीटेक का चार साल का कोर्स और उसकी पठन सामग्री सब जस का तस रहने दिया जाए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को यहां से हटाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को भी बुलाया गया है।
दरअसल, एफवाईयूपी के तहत बीएससी के कोर्स को तीन से चार साल का कर कर बीटेक का कोर्स कर दिया गया था। इसलिए अब बीटेक छात्र नहीं चाहते कि एफवाईयूपी के वापस लिए जाने से उनका कोर्स भी बदल कर तीन साल का हो जाए।