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आरुषि मर्डर केस: 'सीबीआई ने दी थी झूठी रिपोर्ट'

Tue, 14 Oct 2014 02:46 PM IST
Updated Tue, 14 Oct 2014 02:46 PM IST
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Aarushi murder case: first CBI team probed case wrong.

देश की चर्चित मर्डर मिस्ट्री आरुषि-हेमराज केस में एक बार फिर नया मोड़ सामने आ गया है। सीबीआई के पूर्व निदेशक की एक चिट्ठी ने घटना की जांच को लेकर कई बड़े सवाल उठाए हैं।

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सीवीआई के पूर्व निदेशक अमर प्रताप सिंह ने स्वीकार किया है कि मामले की जांच के लिए बनाई गई सीबीआई की पहली टीम ने कई गड़बड़ियां कीं और खामियों को नजरअंदाज करते हुए डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी नूपुर को क्लीन चिट दे दी थी।
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पूर्व निदेशक ने इस मामले की तहकीकात करने वाले मुख्य जांच अधिकारी एजीएल कौल की मौत के बाद लिखे गए श्रद्घांजलि पत्र में किया है। कौल की मृत्यु शुक्रवार को हार्ट अटैक से हो गई है।
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पहली टीम ने यूं पलटा केस

Aarushi murder case: first CBI team probed case wrong.

टीओआई की खबर मुताबिक, आरुषि हेमराज मर्डर केस की जांच नोएडा पुलिस से लेने के बाद सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने की थी और तलवार दंपति को क्लीन चिट दे दी थी।

मामले में सीबीआई टीम ने मामले की असलियत छिपाते हुए तीन नौकरों राजकुमार, कृष्‍णा और विजय मंडल को आरोपी घोषित करने की कोशिश की और जबरन उनके बयान भी ले लिए। हालांकि बाद में उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं दाखिल कर पाई।

एपी सिंह के पहले सीबीआई डायरेक्टर रहे अश्‍विनी कुमार ने नई टीम बनाने का फैसला लिया और इसकी कमान एजीएल कौल को सौंपी थी।

'कौल ने वो किया जो किसी ने नहीं सोचा'

Aarushi murder case: first CBI team probed case wrong.

कौल की तहकीकात से आरुषि के माता पिता को दोषी करार दिए जाने पर एपी सिंह ने कहा कि यह कौल की कड़ी मेहनत और प्रयासों का ही नतीजा है कि दोनों को उनके किए की सजा मिली।

यूपी पुलिस और सीबीआई की पहली टीम की कई सारी कमियों और खामियों के बावजूद कौल ने अपने प्रयासों से सब कुछ साफ कर दिया, यह उनके बेहतरीन काम को दिखाता है।

उन्होंने कौल को सीबीआई निरीक्षक का प्रतीक पबताते हुए कहा कि कौल ने यह साबित कर दिया कि तलवार दंपति ने ही अपनी 14 साल की बेटी और नौकर हेमराज की हत्या की थी।

शुरुआती जांच में सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों को जरा भी अंदेशा नहीं था कि इस केस में इतने मोड़ आएंगे लेकिन समय के साथ पूरा मामला परत दर परत खुलता चला गया।

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